Saturday, 28 May 2011

KUCH YAADGAR LAMHE




कदम कदम पे बहारों ने साथ छोड दिया,
पडा जब वक्त तो अपनों ने साथ छोड दिया,
कसम खायी थी सितारों ने साथ देने की,
सुबह होते ही सितारों ने भी साथ छोड दिया......
------------*********---------------------
खामोश पलकों से जब आंसू आते हैं,
आप क्या जानों आप हमें कितना याद आते हैं
आज भी उसी मोड पे खडे हैं,
जहां आपने कहा था"तुम ठहरो हम आते हैं”.........


अगर हम 1 आंसू होते तो आपकी आंखो से होकर आपके गालों पर मरना पसंद करते,
और आप मेरी आंखो के आंसू होते तो वादा है हम जिंदगी भर न रोते.....
************************
तन्हाईंयों के सागर में तन्हा हमें छोड गई,
जाने के बाद इक अजीब रिश्ता जोड गई,
खुद को सताने का शौक था इतना,
दिल लगा के हमारा दिल अपना तोड गई..........
----------***********--------------------
मोहब्ब्त का अजीब कारोबार हमनें किया,
वो बे-वफ़ा सही पर प्यार हमनें किया,
अगर वो छोड जाए तो मत कहो बुरा उनकों,
कसूर उनका नही,ऎतबार हमनें किया..........
-------------*********----------------
सोचा इस कदर उनकों भुल जाऎंगे,
देख कर भी अनदेखा कर जाऎंगे,
पर जब जब सामने आया उनका ये चेहरा,
सोचा इस बार देख ले,अगली बार भुल जाऎंगे.
----------********------------------
मैं.जो हम उड ए संगदिल सनम,
तेरे पथ्थर दिल का वास्ता हमे,
नसीब वाले हो, खुदा ने ऐसा दिल दिया तुम्हे,
 कम से कम तुम्हे किसी से मोहोब्बत होगी नही...
अगर बदकिस्मती से हो भी गई, तो घबराना मत,
 तुम्हारा दिल इतना सख्त हैकि तब भी वो पिघलेगा नही। लम्हों के कतरे निरंतर बहते मुट्ठी में समाते, आँखों को भिगोते
*************************************



मत करो कोई वादा जिसे तुम निभा न सको, मत चाहो उसे जिसे तुम पा न सको,
प्यार कहाँ किसी का पूरा होता है, इसका तो पहला शब्द ही अधूरा होता है.. !!
------ISKA JAWAB------
माना की प्यार का पहला अक्षर अधूरा है, लेकिन 'प' को निकल दो तो यार रह जाता है
और आप जैसा यार हो तो ज़िंदगी से भी प्यार हो जाता है

------REMEMBER ALWAYS------
यूं तो प्यार करने वाले तुम्हें कम न मिलेंगे, मिल जाएंगे हम जैसे बहुत ,,, पर हम न मिलेंगे.
------NOW ENJOY------
उन्हें भूलने की कोशिश की मैंने, दिल ने कहा याद करते रहना...

आँखों से मुस्कराने में मज़ा और है,हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा
और है,बात कहके तो कोई भी समझलेता है,पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है...!

मुस्कराना ही ख़ुशी नहीं होती,उम्र बिताना ही ज़िन्दगी नहीं होती,
दोस्त को रोज याद करना पड़ता है,क्योकि दोस्त कहना ही दोस्ती नहीं होती

हम ना रहेंगे तो दोस्ती कौन करेगा,
ऐ खुदा मेरे दोस्त को सलामत रखना वरना मेरी शादी में डांस कौन करेगा!
फूलों ने अमृत का जाम भेजा है तारो ने गगन से सलाम भेजा है,
हर खुशी आपको मुबारक हों सच्चे दिल से हमने यह पैगाम भेजा है!

आँखो मे बसे है जरा ध्यान रखना अपना रिश्ता यू ही आबाद रखना
मुझे तो आदत है आपको याद करने की अगर हिचकियाँ आती रहे तो माफ़ करना!
साँस लेने से तेरी याद आती है ना लेने से मेरी जान जाती है,कैसे कह दू सिर्फ़ साँस से मैं जिंदा हूँ
**********************
कमबख्त साँस भीं तेरी याद के बाद आती है!
ऐसा नही की आप याद आते नही है
खता सिर्फ़ इतनी है हम बताते नही है
दोस्ती आपकी अनमोल है हमारे लिए समझते हो
आप इसलिए हम जताते नही है! जिंदगी में खुशियों को पुकारा है
******************
सदा मुस्कराना तुम्हारा हर गम हमारा है,
फूल खिलते रहे आपकी दुनियाँ में और कांटो के लिए दामन हमारा है!
दिल में इंतजार की लकीर छोड़ जायेंगे आँखो में यादो की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूढ़ते फिरोंगे हमे एक दिन जिन्दगी में एक दोस्त की कमी छोड़ जायेंगे!
******************
किसी को मोहब्बत की सच्चाई मार गई किसी को मोहब्बत की गहराई मार गई,
कोई बच ना पाया इस मोहब्बत से जो भी बचा उसे तन्हाई मार गई!
जिन्दगी की राहों में बहुत से यार मिलेंगे हम क्या हमसे भी अच्छे हजार मिलेंगे,
**********************




इन अच्छो की भीड़ में हमे ना भूला देना हम क्या आपको बार-बार मिलेंगे!
किस्मत पर एतबार किसको है मिल जाए खुशी तो इनकार किसको है,
कुछ तो मजबुरिया है जिन्दगी में दोस्त वरना बेरुखी से प्यार किसको है!
***********************
वो मौत भी बड़ी सुहानी होगी जो आपकी दोस्ती में आनी होगी,
वादा रहा आपसे पहले हम जायेंगे क्योकि!आपके स्वागत की रस्म भी तो निभानी होगी!
किस कदर खूब है,दिल्लगी आपकी आज भी दिल में है दोस्ती आपकी

जब भी फुरसत के लम्हे हमे है मिले दिल ने महसूस की है कमी आपकी!
दीपक में अगर नूर ना होता तनहा दिल मजबूर ना होता,
हम आपसे मिलने जरूर आते अगर आपका घर दूर ना होता!
लहर आती है किनारे से लौट जाती है
याद आती है दिल में सिमट जाती है
दोनों मी कितना फर्क है लहर बेवक्त आती है
याद हर वक्त आती है! यादों के इस भवर में एक पल मेरा हो
फूलों के इस चमन में एक गुल मेरा हो
खुदा करे की जब आप याद करे अपनों को तो उन अपनो में एक नाम मेरा हो!

उन फूलों से क्या दोस्ती करोंगे जो एक बार खिले और मुरझा जाए,
दोस्ती तो हम जैसे कांटो से करो जो एक बार चुभे और बार-बार याद आए!

ज़माने से कब के गुजर गए होते जीने से पहले ही मर गए होते,
बधे ना होते अगर आपके दोस्ती के धागे मे तो कब के मोतियों जैसे बिखर गए होते!

ना खैरियत ना कोई पैगाम आया है जो सोचा नही वही अंजाम आया है,
क्या दोस्त ने भुला दी दोस्ती मेरी ना दुआ कोई ना सलाम आया है!

रब से आपकी खुशी मागते है दुआ में आपकी दोस्ती मागते है,
सोचते है क्या मांगे आपसे चलो आपसे उमर भर की दोस्ती मांगते है!

दोस्ती करना हमे भी सिखा दो इस दिल के कोने में हमे भी जगह दो,
हम आपकी यादों में है कि नही होठो से ना सही एक sms से ही बता दो!

सूरज की पहली किरण तुम्हे रोशनी दे फूलों की कलियाँ तुम्हे खुसबू दे,
बाकी दुनियाँ तुम्हे कुछ दे या ना दे ऊपर वाला हमेशा तुम्हे खुशी दे!

मेरे प्यार की वो हद पूछते है दिल में कितनी जगह है,ये पूछते है,
चाहते है हम सिर्फ़ उन्ही को क्यो इतना उसकी भी वो हमसे वजह पूछते है!

हमे हसरत है तुम्हे पाने की बस इतनी सी चाहत है इस दीवाने की,
हमे शिकवा तुमसे नही किसी और से है क्या जरूरत थी इतना खूबसूरत बनाने की!

वक्त नूर को बेनूर बना देता है थोड़े से जख्म को नासूर बना देता है,
अपनो से कौन जुदा होना चाहता है पर वक्त सबको मजबूर बना देता है!


दिल की किताब का पन्ना चुरा ले गया कोई आँखो से नींदों को उड़ ले गया कोई,
हमे तो पीने की आदत ना थी,लेकिन आँखो से जाम पिला गया कोई!
किसी की चाहत का तुम इम्तेहान ना लेना जो निभा ना सको वो वादा मत करना

जिसे तुम बिन जीने की आदत ना हो उसके जीने की तुम दुआ मत करना!
मुस्कराये आप तो फूल खिल जाए बातें करे आप तो बाहर आ जाए,
इतनी दिलकश है आप की दोस्ती की दुश्मन को भी आप पर प्यार आ जाए!
जीने का राज़ मैंने दोस्ती में पा लिया है जिसका भी गम मिला उसे अपना बना लिया

यूँ ही उतर आएँगे हम तेरे ही ख़यालो में और तेरी रूह में बस उतर जाएँगे है
यही अपने प्यार की इतनी सी दस्तान अब तेरी दुनिया हम सिर्फ़ ख्वाबो में बसा जाएँगे
जो मिलना चाहो मुझसे तो देख लेना अपने दिल में झाँक कर एक हम ही हम तुझे वहाँ नज़र आएँगे !

तेरी दोस्ती को पलकों पर सजायेंगे हम जब तक जिन्दगी है तब तक
हर रस्म निभाएंगे आपको मनाने के लिए हम भगवान् के पास जायेंगे
जब तक दुआ पूरी न होगी तब तक वापस नहीं आयेंगे
हर आरजू हमेशा अधूरी नहीं होती है दोस्ती मै कभी दुरी नहीं होती है

लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मीलता शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता किस्मतवालों को ही milati है पनाह कीसी के dil में यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं milata अपने सायें से भी ज़यादा यकींन है मुझे तुम पर अंधेरों में तुम तो mil जाते हो, साया नहीं milata इस बेवफ़ा zindagi से शायद मुझे इतनी मोहब्बत ना होती अगर इस ज़िंदगी में दोस्त कोई तुम जैसा नहीं milata







मौत की गादी में जिस दिन सोना होगा.न कोई तकिया होगा न कोई बिछौना होगा...साथ होगी आप जैसे यारों की यादें...और कब्रिस्तान का छोटा सा कौना होगा... अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,और खो दो तो सिर्फ़ एक कहानी हूँ मैं,रोक पाए ना जिसको ये सारी दुनिया,वो एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं

आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे, क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है. .
चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता, तोह चाँद की चाहत किसे होती.
कट सकती अगर अकेले जिन्दगी तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.

कभी किसी से जीकर ऐ जुदाई मत करना, इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना
जब दिल उब जाए हमसे तोह बता देना, न बताकर बेवफाई मत करना.

दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जता है अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जता है
दोस्ती मे दुनिया लाख बने रुकावट, अगर दोस्त सचा हो तो खुदा भी झुक जता है.
दोस्ती वो एहसास है जो मिटती नही. दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नही, इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे



सांसो का पिंजरा किसी दिन टूट जायेगा फिर मुसाफिर किसी राह में छूट जायेगा अभी साथ है तो बात कर लिया करो क्या पता कब साथ छूट जायेगा क़यामत तक तुझे याद करेंगे तेरी हर बात पर एतरार करेंगे

एक सवाल जिंदगी से किया करते है कि हम दुनिया मे क्यो जिया करते है
जब इक दुसरे के लिये मिलता नही वक्त फ़िर लोग क्यो रिस्ते बना लिया करते है...

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा एक दिन आएगा
कि कोई शक्स हमारा होगा ऐसा दोस्त चाहिए जो हमे अपना मान सके,
जो हमारा दिल को जान सके,चल रहा हो हम तेज़ बेरिश मे,
फिर भी पानी मे से आँसुओ को पहचान सके!!!!

ख़ुश्बू की तरह मेरी सांसो मे रेहाना लहू बनके मेरी नस नस मे बेहाना,
दोस्ती होती है रिस्तो का अनमोल गेहना




तुम्हारा आईना जो बनाना पड़ेगा चाँद को ही ज़मीन पे लाना पड़ेगा कदम से कदम को मिलना पड़ेगा
मेरे साथ तुमको भी आना पड़ेगा मंज़िल भी तुमको ही देनी पड़ेगी रास्ता भी तुम को बताना पड़ेगा ये
आँखों हों सूनी तो पानी भरेगा मेरे सपनो में आना जाना पड़ेगा
तू मेरा क्या है ना समझेगा कोई ये रिश्ता सभी से छिपाना पड़ेगा
***********************
मिलन के मिलेंगे पल या कि दो पल इन लम्हों से जीवन चुराना पड़ेगा वही ताज होगा और रूहे रहेंगी रेत का इक घरौंदा बनाना पड़ेगा आँसू से इस को जो धोते रहे हम इश्क़ अपना कभी ना पुराना पड़ेगा भूल जाऊँगा
वादे जो मैने किए हैं हर इक वादा मेरा निभाना पड़ेगा


हँसते हँसते रोने लगी आंखे दिल मे दबा दर्द फिर सेउबरने लगा दर्द ही दर्द छिपा है इस सीने मे ..
और सिर्फ एक आंसू ही है दिखने को अब विश्वास नहीं इस जीवन पे पर हर पथ पे चलना तो मजबूरी है ..
.
साँसों को महकाना हमें अब भी आता है
बारिश को बुलाना हमें अब भी आता है
बीते लम्हों को जीना वाजिब नहीं लगता वरना पुराना वक़्त लौटना
हमें भी आता मोहब्बत का इरादा अब बदल जाना भी मुश्किल है


मैं न जानू की कौन हूँ मैं,लोग कहते है सबसे जुदा हूँ
मैं,मैने तो प्यार सबसे किया, पर न जाने कितनो ने धोखा दिया।
चलते चलते कितने ही अच्छे मिले,जिनने बहुत प्यार दिया,पर
कुछ लोग समझ ना सके,फिर भी मैने सबसे प्यार किया।

दोस्तो के खुशी से ही खुशी है तेरे गम से हम दुखी है,तुम हंसो तो खुश हो जाऊंगा,
तेरे आँखो मे आँसु हो तो मनाऊंगा। मेरे सपने बहुत बढे़ है पर अकेले है हम, अकेले है
फिर भी चलता रहऊंगा,मजिंल को पाकर रहऊंगा। ये दुनिया बदल जाये पर कितनी भी,
पर मै न बदलऊंगा,जो बदल गये वो दोस्त थे मेरे,पर कोई ना पास है मेरे।






बेबसी ,बेकरारी ,मायूसी को उम्मीदे -कफन मैं सी लेता हूँ
अफसानो के कंधो पे देख हकीकत का जनाजा लबो को सी लेता हूँ
यू तो खुदी और खुदकशी के लाख बहाने हैं जहां में दर्द
यह जिन्दगी ओरो की अमानत है यही सोच के जी लेता हूँ ...

.सबने कहा दोस्ती एक दर्द है हमने कहाँ ये दर्द भी क़ुबूल है !!
इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे, हमने कहाँ दोस्ती मे मारना भी क़ुबूल है !!
रात गुमनाम होती है दिन किसी के नाम होता है !!
हम ज़िंदगी कुछ इस तरह जीते हैं ह्रर लम्हा दोस्तों के नाम होता

आज सोचा की जबाब क्या भेजू आप जैसे दोस्त को ख़िताब क्या भेजू कोई फूल हो तो नही मालूम
जो ख़ुद गुलाब हो उसे गुलाब क्या भेजू महक इश्क़ की काम नही होती ज़िंदगी से उसकी ख़ुशबू क म नही होती
साथ अगर हो आप जैसा दोस्त तो ज़िंदगी जन्नत से क म नही होती


कुछ लोग बहुत ख़ास होते है हर पल दिल के पास होते है ख़ुशी हो या ग़म वे सदा साथ रहते है लोग उन्हे
दोस्त हम उन्हे आप कहते है. आपके ख़्यालो से फ़ुरसत नही मिलती हमे एक पल राहत नही मिलती मिल तो जाता सब कुछ पर आपकी झलक नही मिलती सुना है की आपकी एक स्माईल पर सभी फ़िदा हो जाते है


कोई दूर का देर से बिछडा मिल गया जो दिल के बहुत करीब सा है
आज मिल कर फिर से आँखें नम कर गया वो शख्स
कितना अजीब सा है...समेट के ले गया अपने साथ मेरी मुस्कराहट भी,
कितना गरीब सा है..आज लौटा भी तो खाली हाथ, क्यों फिर भी मेरे लिये रकीब सा है.....

हिचकियों से एक बात का पता चलता है,
कि कोई हमे याद तो करता है,बात न करे तो क्या हुआ,
कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है

ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती,हर बात समझाने के लिए नही होती,
याद तो अक्सर आती है आप की,लकिन हर याद जताने के लिए नही होती
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है मिलन न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता, वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है

सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं
कभी कभी दिल उदास होता है हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी तन्हाई ना पाए कोई महफिल की रात के बाद,जुदाई ना पाए कोई किसे के साथ के बाद, ना पड़े किसी को आदत किसी की इतनी, की हर सास भी आये उसकी याद के बाद


दिल तोड़ दिया ज़ालिम ने मुंह मोड़ लिया ज़ालिम ने।
माना की तुम्हारे चाहने वाले बहुत हैं,लेकिन हमसा न है और न होगा...।
माना कि हम थोड़े से पागल है,लेकिन, तुम्हारी अदाओं के कायल हैं, फिर भी,
दिल तोड़ दिया ज़ालिम नेमुंह मोड़ लिया ज़ालिम ने।

तुम बेशक से भूल जाना हमे, लेकिन हम न भुला पाएँगे,
लेकिन भुलाने की कोशिशों को आगे ज़रुर बढ़ांएंगे।
मैने तो बस प्यार किया था कोई गुनाह थोड़ी किया था,
जिसकी सज़ा मुझे इतनी बड़ी मिली,फोन तो दूर मैसज तक की अनुमति न मिली।




मैं न जानू की कौन हूँ मैं,लोग कहते है सबसे जुदा हूँ मैं,मैने तो प्यार सबसे किया,
पर न जाने कितनो ने धोखा दिया।चलते चलते कितने ही अच्छे मिले,
जिनने बहुत प्यार दिया,पर कुछ लोग समझ ना सके,फिर भी मैने सबसे प्यार किया।
दोस्तो के खुशी से ही खुशी है,तेरे गम से हम दुखी है,तुम हंसो तो खुश हो जाऊंगा

देखती होगी जब भी आईना खुद पे इतराती तो होगी...
महबूब की बाँहों में समाने को ये जवानी बल खाती तो होगी..
ख्वाब में ही सही मुझसे मिलने पर ये नजरें चुराती तो होगी..
तेरा दीवाना है सोच के मन ही मन तुम मुस्कराती तो होगी

महबूब के पहले बोसे की महक तेरे दिल को गुदगुदाती तो होगी.. मधुर मिलन की तड़पन तेरे दिल की आग भड़काती तो होगी.. अपने दिल का हाल किससे कहुँ ये सोच के कसमसाती तो होगी..

याद करते हैं तुम्हें,बस भूल हम पाते नहीं। लम्हा-लम्हा जीते हैं,साहिल को हम पाते नहीं॥
टूट न जाए कहीं यह सांसों का है सिलसिला ।लड रहे हैं ज़िन्दगी से मर भी हम पाते नहीं..
याद करते हैं तुम्हे,बस भूल हम पाते नहीं॥

उन्हें कभी मुझे याद किये एक अरसा हुआ,
वो उधर बेखबर इधर मैं तरसा हुआ. रो रोकर ऐसे खामोश हुई
ये आँखें मेरी, जैसे खामोश हो कोई बादल बरसा हुआ.....


मिल मिल के बिछड़ने का मज़ा क्यों नहीं देते? हर बार कोई ज़ख़्म नया क्यों नहीं देते?
ये रात, ये तनहाई, ये सुनसान दरीचे चुपके से मुझे आके सदा क्यों नहीं देते। है
जान से प्यारा मुझे ये दर्द-ए-मोहब्बत कब मैंने कहा तुमसे दवा क्यों नहीं देते।

गर अपना समझते हो तो फिर दिल में जगह दो हूँ ग़ैर तो महफ़िल से उठा क्यों नहीं देते।
मे चाहता हूँ कि तुम वापिस लौट आओ मे काफी अच्हा महसूस करूँगा
आप को वापिस पाकर एकबार फिर से मे आपको आखो मे अपने आप को देखना चाहता हूँ
और उन आखो मे कोई दवेस ,शिकायत की भावना नहीं देखना चाहूँगा


दोस्ती को निभाना.जब कोई साथ ना दे तो एक बार दोस्ती के
नाम परा याद कर लेना सोचता हूँ .?? कभी-कभी दिल मे दर्द क्यों उठ
आता ही पागल हूँ इतना भी नहीं जानता .सूखे हुए घाव मे खारिश तो होती ही है ..


आप देखती है मुस्करा देती है मुझे अचहा लगता है आप अपने बालो को झटके से
फिल्मी अंदाज लिए पीछे करती है जो हर बार आप के मुख पर आ जाते है
वह भी अच्य लगते है क्यूंकि आप मुझे अच्ही लगती है और मे आप को .

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है समझता हूँ तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ
मैं तुमको भूल पाऊंगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन तुम्ही को भूलना सबसे ज़रूरी है समझता हूँ .....



भीगी हुई पलकों का ये मंज़र न मीलेगा,मोती ये किसी शीप के अन्दर न मीलेगा,
आंशुओं को कभी ओस न समझना दोस्ती का आपको ऐसा समंदर ने मीलेगा.





हमारी आह से पानी मे भी अंगारे दहक जाते हैं ;
हमसे मिलकर मुर्दों के भी दिल धड़क जाते हैं ..
गुस्ताख़ी मत करना हमसे दिल लगाने की साकी ;
हमारी नज़रों से टकराकर मय के प्याले चटक जाते हैं....

चमकते चाँद को टू टा हुवा तारा बना डाला ?? पलकों पे आँसू को सजाया न जा सका
उस को भी दिल का हाल बताया न जा सका ज़ख्मों से चूर चूर था यह दिल मेरा
एक ज़ख़्म भी उस को दिखाया न जा सका

जब तेरी याद आयी तो कोशिश के बावजूद आँखों मैं आँसू को छुपाया न जा सका
कुछ लोग ज़िन्दगी मैं ऐसे भी आये हैं जिन को किसी भी लम्हे भुलायेया न जा सका
बस इस ख़्याल से कहीं उस को दुःख न हो हम से तो हाल -ए -गम भी सुनाया न जा सका

तेरी गलियों में न रखेंगे कदम आज के बाद तेरे मिलने को न आयेंगे सनम आज के बाद.
याद न जाये बीते दिनों की.दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया,

वक़्त थोडा है पास मेरे बहुत कुछ अभी करना बाकी है
वो जखम जो अपनों ने दिया. उसे अभी भरना बाकि है
तेरे प्यार की आदत सी पड़ गयी है मुझे कुछ देर तेरे साथ मेरा चलना बाकी है
शमसान में सब छोड़ के खुच पल रुक जाना वरना रूह कहेगी रुक जा अभी तेरे यार का जलना बाकी है

केसे है आप बहुत दिनों से कोई खबर नहीं ना दुआ ना सलाम ना कोई पैगाम ...
मैं हूँ हेरान बहुत जायदा परेशान क्या खो गई मेरी आप के दिल से पहचान ....
ऐसा ना करो मेरे दोस्त मेरे भगवान मैं भी हूँ एक इंसान दोस्ती है मेरी जान

आप यूँ नाराज़ हुऐ मैं क्या करूँगा किसे ख़ुशी किसे दुःख किसके कंधे पर रोऊंगा
केसे रात रात जाग कब सोऊंगा तुम मेरे दिल कि धडकन हो अगर दिल कि धडकन बंद हो गई
दोस्त अभी मुझे जीना है तेरे संग देखना है खुशियों का दोस्ती का रंग तुम मुझे यूँ ना भुलाओ ....

उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं,वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं,
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें,लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं










मेरी ज़िन्दगी वो किताब बन गयी है
जिसके हर एक पन्ने में तेरा नाम लिखा है
तुझे भूलने के लिए किस किसको फाडू
न जाने कही ये ज़िन्दगी ही ख़त्म न हो जाये

कितने अजीब है हम ..पर फिर भी कितने करीब है हम रिश्तो की इस दुनिया मे रिश्तो से परेशान क्यूँ है
क्यूँ बनते है रिश्ते क्यूँ होते है रिश्ते क्यूँ दिल से करीब होते है रिश्तो के ...
दोस्ती को निभाना दोस्ती को बनाना रिश्तो मे क्यूँ पीडा देता है क्यूँ बनाया दिल क्यूँ दर्द पीडा से तडपता है

सालों बाद ना जाने क्या समां होगा,
हम में से ना जाने कौन कहाँ होगा......
फिर मिलना हुआ तो मिलेंगे यादों में,
जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में !!!!!

धमाको की गूँज में डूबा पूरा देश है, सब जगह फैला भय और आतंक का राज है |
हालात इस समय बुरे इतने हैं कि बापू का सर शर्म से झुका आज है ||

महंगाई ने तोड़ी है आम जनता की कमर, हर भ्रष्ट अधिकारी अपने काम से दगाबाज़ है|
सोने की चिड़िया जिसे कहते थे कभी वहाँ आज किसान दो रोटी का मुहताज है||



हर तरफ मची है भगदड़, ट्रैफिक नियमो का उडाते हम उपहास हैं |
जैसे समझ को धता बता कर उड़ाना अपना ही मज़ाक है ||


ऐसा नही है की आशा की कोई किरण नहीं, आईटी में हमने पहना सर पे ताज है |
विज्ञान और तकनीक में हैं आगे और इस पर भी हमें नाज़ है ||


छू लेंगे हम तुझे तेरे ख्वाबो में पर रूबरू तुझसे कभी ना हो पाएँगे
तेरी ही चाहत है इस दिल में सनम अब यह बात तुझे कैसे समझा पाएँगे
यूँ ही उतर आएँगे हम तेरे ही ख़यालो में और तेरी रूह में बस उतर जाएँगे
है यही अपने प्यार की इतनी सी दस्तान अब तेरी दुनिया हम सिर्फ़ ख्वाबो में बसा जाएँगे






दीप जलते जगमगाते रहे, हम आपको आप हमको याद आते रहे
जब तक जिन्दगी है, दुआ है हमारी "आप चाँद की तरह जगमगाते रहे"
दीपों के पर्व दीपावली की हार्दीक शुभकामनाएँ !!

एक ऐसा गीत गाना चाह्ता हूं, मैं..
खुशी हो या गम, बस मुस्कुराना चाह्ता हूं, मैं..
दोस्तॊं से दोस्ती तो हर कोई निभाता है..
दुश्मनों को भी अपना दोस्त बनाना चाहता हूं, मैं..

अब और मंज़िल पाने की हसरत नही...
किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही...
आप जैसे दोस्त जबसे मिले...
किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही....


किसी के इतने पास न जा के दूर जाना खौफ़ बन जाये
एक कदम पीछे देखने पर सीधा रास्ता भी खाई नज़र आये
किसी को इतना अपना न बना कि उसे खोने का डर लगा रहे
इसी डर के बीच एक दिन ऐसा न आये तु पल पल खुद को ही खोने लगे


किसी को इतना याद न कर कि जहा देखो वोही नज़र आये
राह देख देख कर कही ऐसा न हो जिन्दगी पीछे छूट जाय

अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना ,
हर चोट के निशान को सजा कर रखना ।
उड़ना हवा में खुल कर लेकिन ,
अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना ।


छाव में माना सुकून मिलता है बहुत ,
फिर भी धूप में खुद को जला कर रखना ।
उम्रभर साथ तो रिश्ते नहीं रहते हैं ,
यादों में हर किसी को जिन्दा रखना ।



वक्त के साथ चलते-चलते , खो ना जाना खुद को दुनिया से छिपा कर रखना ।
रातभर जाग कर रोना चाहो जो कभी अपने चेहरे को दोस्तों से छिपा कर रखना ।
तुफानो को कब तक रोक सकोगे तुम कश्ती और मांझी का याद पता रखना ।

हर कहीं जिन्दगी एक सी ही होती हैं अपने ज़ख्मों को अपनो को बता कर रखना ।
मन्दिरो में ही मिलते हो भगवान जरुरी नहीं हर किसी से रिश्ता बना कर रखना ।
मरना जीना बस में कहाँ है अपने ,हर पल में जिन्दगी का लुफ्त उठाये रखना ।

दर्द कभी आखरी नहीं होता अपनी आँखों में अश्को को बचा कर रखना ।
मंज़िल को पाना जरुरी भी नहीं ,मंज़िलो से सदा फासला रखना ।
सूरज तो रोज ही आता है मगर ,अपने दिलो में ' दीप ' को जला कर रखना















ain
Prasad main Kambal bate JA rahe hain.
Kisi our ko mat batana ye sms sirf selected
BHIKARIYO KO bheja ja raha hain.
2} why do U think I SMS u?
Is it because I care? Or I miss u?
Or I love u? Or I need you? No! Its b'coz...
I need a person for just time pass
3} Life’s like a movie!
If u r sad- DRAMA,
If u r afraid- SUSPENSE,
If u r angry- ACTION,
If u look in mirror- COMEDY!
Now u r smiling!
That's- HORROR!! ;-)

4}Sleeping duration
For women 5 hrs
For men 6 hrs
For children 7 hrs
For monkey 8 hrs
Hello my dear u r 8 hrs is over get up
5) Look at d sun u can feel d power of god
Look at d moon u can feel d beauty of god
Look at d mirror u can feel d mistake of god
6) Ek bandar apni maa se kheta hai-maa main kitna badsoorat hoo? Ispe uski maa kheti hai beta tu toh phir bhi tikh hai zara use dekh jo sms pad raha hai.

7) Hey Dude
A Piece Of Advice
For You...!!
Never Think Yourself As an Ugly Person






Always Consider
Yourself A Beautiful Monkey...... =P ;->

8) Aasmaan Jitna Neela Hy...
§unflower Jitna Peela Hy...
Paani Jitna Geela Hy...
Aap ka §crew Utna Hi Dheela Hy...
;->

9) Socha tumhe chaand kahu…
Par usame bhi daag hai,
Socha tumhe sooraj kahu…
Par usame bhi aag hai,
Phir socha tumhe bandar kahu…
Par… usame bhi dimaag hai.
10) Today i saw a person
looking exacly like you.
I accidently called Ur name.
But that person therw away the banana and jumped on another tree.
R U Twins????
11) Tarif k kabiil hum kaha, charcha to aapki chalti h, bhagvan ka diya sab kuch h apke paas bas ek sing or punch ki kami khlti h.
12) Do you want to go to USA
Here’s a chance for you
Mr Obama is waiting for you
to be in white house
Get ready
because

कैसे प्रभावित करें अपनी गर्लफ्रेंड को

कैसे प्रभावित करें अपनी गर्लफ्रेंड को
पहली-पहली बार जब प्यार किसी से होता है तो आपका दीवाना दिल हमेशा इसी कोशिश में लगा रहता है कि कैसे अपनी गर्लफ्रेंड को प्रभावित करें। इस चक्कर में आप इतने उलझे रहते हैं कि आपको उनकी हर अच्छी-बुरी बात के एवज में सिर्फ हाँ का सिर हिलाते हैं। क्या, ऐसा नहीं है? चलिए ठीक है मान लेते हैं आपकी बात। अब देखिए चाहे कुछ भी हो लेकिन आपका उन्हें प्रभावित करना भी जायज है। आइए जरा यहाँ से कुछ टिप्स ले लें, ताकि आप कुछ भूल न जाएँ-
जब भी आप उन्हें फोन करें या उनका फोन आपके पास आए तो पहली बात सिर्फ यह कहें कि 'मैं तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था।' खुदा न खास्ता यदि उन्हें सर्दी-जुकाम हो जाए या फिर वो बीमार हों तो उनकी खूब अच्छे से देखभाल करें। और गिफ्ट में उन्हें टेडी या फिर इसी तरह की कोई चीज दें। वैसे बता दूँ कि लड़कियों को यह बहुत पसंद होता है कि कोई उनका इस तरह से ख्याल रखे। अक्सर उनकी सुंदरता और उनके गुणों के बारे में चर्चा करें। और जब-तब उनकी तारीफ में कुछ-कुछ लिखते रहें। लेकिन यहाँ आपको थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है कि आपकी लेखनी कहीं गलत शब्दों का इस्तेमाल नकर जाए अपने प्यार का अहसास उन्हें बार-बार कराएँ और हो सके तो उन्हें सरप्राइज करने का कोई मौका हाथ से न जाने दें। कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें बार-बार सुनना अच्छा लगता है, यदि ऐसी ही कुछ बातों को आप खत की शक्ल में उन तक पहुँचाएँ तो वे उसे बार-बार पढ़ना पसंद करेंगी। ये तो हुई गर्लफ्रेंड को प्रभावित करने के लिए कुछ बातें। हालांकि ये बातें सामान्य हैं और आपमें से कई लोग इसे करते भी होंगे लेकिन इन्हें नया स्वरूप देकर गर्लफ्रेंड को प्रभावित करने का तरीका भी तो आप ही आजमाएँगे। है ना...।

उफ...कैसे करें प्रपोज
प्यार करना आसान है पर प्यार का इजहार करना बड़ा ही मुश्किल है। मौका मिलता है पर आप चूक जाते हैं सोचते हैं फिर कभी सही। कहीं ऐसा न हो कि आपकी महबूबा किसी और की होकर चली जाए और आप हाथ मलते रह जाएँ। नहीं नहीं ऐसा आपके साथ नहीं होगा। क्योंकि हम बता रहे हैं आप को कुछ रोमांचक टिप्स बिल्कुल लीक से हटकर-
1. यदि आपकी गर्लफ्रेंड को रोमांच भरे खेल पसंद हैं जैसे रॉक क्लाइंबिंग और अंडर वाटर डाइविंग तो रॉक क्लाइंबिंग के बाद पहाड़ी के सबसे ऊपरी चोटी पर पहुँच कर आप अपने प्यार का इज़हार कर सकते हैं। या समुद्र की गहराई में मछलियों के बीच शादी के लिए पूछ सकते हैं।
2. आप ज्यादा हिम्मती हैं और कुछ बड़ा काम करना चाहते हैं तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फिल्म देखने का प्लान करें और फिल्म के अंतराल में अपना वीडियो प्ले करने की व्यवस्था करें जिसमें आप अपनी गर्लफ्रेंड से जीवन भर साथ देने का सवाल पूछ रहे हों।
3. यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फ्लाइट में कहीं जा रहे हों तो इंटरकॉम से भी उसको प्रोपोज कर सकते हैं।
4. जिस रास्ते आपकी गर्लफ्रेंड रोज़ जाती है, उस रास्ते के एक होर्डिंग पर किराए पर लेकर उस पर आप यह लिखवा सकते हैं-'सपना, विल यू मैरी मी?' आपका यह अंदाज आपकी प्रिय को ज़रूर पसंद आएगा।
5. बरसात के मौसम में अपनी गर्लफ्रेंड को रिमझिम बारिश में एक लाँग ड्राइव पर ले जाएँ। और उस रोमांटिक माहौल में उसे शादी के लिए प्रपोज करें।
जब प्यार किसी से होता है
पुरुषों की सबसे बड़ी गलती यही होती है कि वो पहली ही मुलाकात में सोचने लगने लगते हैं कि लड़कियाँ उनकी दोस्त नहीं गर्लफ्रैंड बनें। ये बात उन्हें निराश करती है कि उनसे जितनी भी लड़कियाँ मिलती हैं वो उन्हें दोस्त ही क्यों बनाना चाहती हैं। ऐसे लड़कों को अपनी सोच में बदलाव लाना चाहिए, ताकि हर लड़की आपकी ही ख्वाहिश रखे। आइए कुछ ऐसी ही बातों पर आपका ध्यान दिलाते हैं, जिससे आप अपनी गर्लफ्रैंड के दिल में जगह बना सकें-
* ज्यादा भावुक न हों- अक्सर यह देखा जाता है कि पुरुष प्यार में ज्यादा भावुक हो जाते हैं। ऐसा करने से बचें। ऐसा न हो कि आप अपनी भावुकता में अपने दिल की बात कह ही न सकें। कोई और उसकी जिंदगी में आ जाए। इसलिए जो भी मन की बात हो उसे स्पष्ट रूप से कहें। आप क्या चाहते हैं, आपकी अपने साथी से क्या अपेक्षाएँ हैं सारी बातें दिल खोलकर करें। हो सकता है वह बहुत खुश होगी या फिर बहुत ही नाराज।
* अपना निर्णय भी दें- लड़कियों को हमेशा ऐसे लड़के पसंद आते हैं, जो अपना निर्णय ले सकें और उसपर कायम रहें। अगर वो आपसे पूछे कि आज हमें कहाँ चलना चाहिए, तो अनमना-सा जवाब न दें कि आपको नहीं पता। आपका यह व्यवहार यह दर्शाता है कि आपमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं है और लड़कियों को ऐसे पुरुष कभी पसंद नहीं आते हैं।
* अवसादग्रस्त न रहें- यह संभव नहीं कि इंसान हमेशा खुश रहे, लेकिन हमेशा अवसाद से घिरे न रहें। कोई भी लड़की यह नहीं चाहेगी कि उसका साथी हमेशा परेशान और थका-हारा सा रहे। वह चाहती है कि उसका पुरुष साथी अपने लक्ष्य के प्रति सजग और आत्मविश्वासी हो।
* जल्दबाजी न करें- अगर आपको कोई लड़की पसंद है और आप उसे दोस्त नहीं गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हैं तो हड़बड़ी न करें। अगर वो आपसे कहती है कि आप उनके सबसे अच्छे दोस्त हैं तो अपनी दोस्ती में खलल न डालें। पहले दोस्ती की ही पहल करें। इस रिश्ते में आप खुद को ज्याद सहज महसूस कर पाएँगे।
जानिए उनकी पसंद

अपने लव की पसंद के बारे में जानना रोमांस में बहुत ही जरुरी है। इससे संबंध मजबूत होते हैं और एक-दूसरे को समझने में भी मदद मिलती है। साथ यदि आपका लव आपसे रूठ गया है तो ये जानकारी बड़ी काम आती है उन्हें मनाने के लिए। इसलिए आप वो कीजिए जो उन्हें पसंद हो। अजी प्यार में ये तो होता ही है कि 'जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे...।' खैर, तो अब उनकी पसंदगी की वो बातें जो आपको याद रखना हैं-
उनका पसंदीदा रंग
भाग्यशाली अंक
पसंदीदा फूल
उन्हें आपसे क्या सुनना पसंद है
पसंदीदा गीत, गायक/गायिका और संगीतकार
पसंदीदा रेस्टोरेंट, भोजन, आइसक्रीम, स्नेक्स, चॉकलेट आदि
मनपसंद पत्रिका
पसंदीदा अभिनेता या अभिनेत्री
उनका शौक
ऐसा पसंदीदा स्थान जहाँ वो एकांत में समय बिताना चाहती हों
मनपसंद परफ्यूम और मेकअप ब्रांड
मनपसंद लेखक/साहित्यकार
सैर-सपाटा के लिए मनपसंद जगह
मनपसंद सॉफ्ट ड्रिंक, बीयर, शैम्पेन, वाईन आदि
मनपसंद ड्रेस
मनपसंद खेल और खिलाड़ी
ये और इनके जैसी कुछ और बातों को जानकर आप उन्हें जल्दी से मना सकते हैं। और फिर ये तो है ही कि 'तुम रूठी रहो,
मैं मनाता रहूं....।'


दिल की कहानी, संकेतों की जुबानी


आँखों ही आँखों में इशारा हो जाने पर दिल से दिल की बात हो जाती है लेकिन जब आप एक-दूसरे से दूर हों और अपना प्यार उन्हें पहुँचाना हो तो बड़ी मुश्किल पैदा हो जाती है, क्योंकि क्या कहें कुछ कहा भी न जाए और बिन कहे चुप रहा भी न जाए...। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए कुछ संकेतों का इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि समझने वाले समझ भी जाएं और जमाना देखता रह जाए। ये संकेत क्या हो सकते हैं आइए जानें-
लाल गुलाब की कली दर्शाती है कि आप उनसे प्यार करते हैं
गुलाबी रंग का गुलाब आपकी दोस्ती को दर्शाता है
पीला गुलाब यानी कि आप उनका सम्मान करते हैं
सफेद गुलाब आपके मन की शुद्धता का प्रतीक है
143 यानी कि आई लव यू
यदि आप अपने प्रिय को प्यार भरा चुंबन भेजना चाहते हैं तो इसे 'एक्स' लिखकर दर्शाया जा सकता है।
'ओ' का संकेत देने का अर्थ है कि आप अपने प्रिय को अपनी बाँहों में लेना चाह रहे हैं।
'एसडब्ल्यूएके' यानी सील्ड विथ अ किस
ये हुई आपके प्यार को संकेतों में व्यक्त करने के लिए कुछ टिप्स, तो क्या कहते हैं। यदि आप अपनी प्रिया से कुछ दिनों तक दूर भी हैं तो ज्यादा उदास न हों, प्रतीकात्मक रूप से ही सही अपने दिल की बात तो उन तक पहुंचा ही सकते हैं। फिर कोई जरूरी नहीं कि केवल यही संकेत हों इनके अलावा भी तो आप अपने संकेत बना सकते हैं, जो सिर्फ आप दोनों को पता हों... ठीक है ना!



शर्मीली लड़कियाँ ही पसंद आती हैं
कुछ कहते-कहते इशारों में शरमा के किसी का रह जाना वो मेरा समझकर कुछ का कुछ जो कहना न था सब कह जाना'वाकई शर्म प्रेम का एक महत्वपूर्ण अंग है। आपकी किसी बात पर उनका शर्म से लाल हो जाना आपके प्यार में और रंग भर देता है और वैसे भी माना जाता है कि लड़कों को खासतौर पर शर्मीली लड़कियाँ ही पसंद आती हैं लेकिन कभी-कभी शर्माना भी कई गलफहमियाँ खड़ी कर देता है। वैसे हमेशा ही ऐसा नहीं होता लेकिन फिर भी कई बार इशारों की गुस्ताखियों से गलतफहमियाँ पैदा हो ही जाती हैं। ये गुस्ताखियाँ किस तरह की हो सकती हैं जरा बानगी देखिए-
अब जैसे मान लीजिए कि आप उनके साथ कहीं लांग ड्राइव पर जाने का प्रोग्राम बनाते हैं। आपका प्रस्ताव पाकर वो खुश तो बहुत होती हैं लेकिन ये सोचकर अपनी खुशी जाहिर नहीं कर पातीं कि कहीं आप उनके बारे में ये गलत राय न बना लें कि वो आपके साथ जाने के लिए उधार ही बैठी थीं। दूसरी ओर आप अपने प्रस्ताव पर अपेक्षानुरूप उत्तर न आने के कारण सोचने लगते हैं कि कहीं आपने कोई गलती तो नहीं कर दी या फिर ये सोच लें कि आपकी वो बड़ी ही अनरोमांटिक हैं। जबकि वास्तव में बात कुछ और ही होती है। इसलिए इस प्रकार की गलतफहमियाँ पैदा न होने दें। आपको चाहिए कि उनकी तरफ से मिले प्रस्ताव पर उचित प्रतिक्रिया जाहिर करें, इससे न केवल उन्हें खुशी मिलेगी बल्कि आपके प्रेम में और प्रगाढ़ता आएगी।
जब आप उनके साथ बाहर घूमने जाते हैं तो किसी गार्डन या किसी अच्छे से रेस्तराँ की कोने वाली टेबल पर बैठकर ढेरों बातें करते हैं लेकिन बीच में अचानक ही एक लंबी-सी चुप्पी छा जाती है। और फिर आप दोनों पुनः बातचीत शुरू करने के लिए पहले आप, पहले आप वाली पटरी पर चलने लगते हैं। ऐसे में खामोशी बढ़ने लगती है और प्रेमिका सोचती है कि उनके बातचीत शुरू करने पर वो उनके बारे में गलत राय न बना लें, वहीं दूसरी ओर प्रेमी का सोच रहता है कि कहीं उनकी वो उनके साथ असुविधाजनक तो महसूस नहीं कर रहीं। वैसे आप दोनों अपनी-अपनी जगह सही हैं लेकिन यदि ऐसी स्थिति आ जाए तो बेहिचक फिर से बात शुरू करें।
जैसे-जैसे आप एक-दूसरे से मिलते हैं आपका प्यार बढ़ता चला जाता है और फिर एक-दूसरे के हाथों को थामकर घंटों बैठे रहने की, एक-दूसरे को छूने की लालसा उत्पन्न होती है लेकिन गलतफहमियाँ यहाँ भी पीछा नहीं छोड़तीं। जैसे यदि वो आपको हौले से छूते हैं या फिर आपके गले में हाथ डालने की कोशिश करते हैं तो आपको बहुत अच्छा तो लगता है लेकिन अनचाहे ही आप दूर हो जाती हैं। ऐसा करने से वो सोचेंगे कि शायद आपको उनका छूना पसंद नहीं आया। ध्यान रखें इस प्रकार की गलतफहमी आपके प्यार को आपसे दूर ले जा सकती है। अनचाहे होने वाली इस प्रतिक्रिया से बचें। हो सके तो उनके इस व्यवहार पर उनकी ओर देखकर हौले से मुस्कुराएं।
माना कि शर्माना आपके प्यार में चार चाँद लगा देगा लेकिन इस कारण से किसी भी गलतफहमी को न बनने दें। ध्यान रखें हर मामले में स्पष्टवादिता बहुत ही जरूरी है, फिर चाहे वह दिल का मामला ही क्यों न हो। यदि आपको उनकी कोई बात अच्छी नहीं लगती तो उन्हें बताइए और गलतफहमियों को तो अपने रिश्ते में बिल्कुल भी जगह न बनाने दें।

कैसे जानें उनकी चाहत के बारें में?




फूल खिलते हैं, बहारों का समा होता है ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है
दिल की बात लबों से नहीं कहते ये अफसाना तो निगाहों से बयां होता है'
जी हां, वैसे बात तो बिलकुल सही है कि प्यार का अफसाना निगाहें बयां करती

लेकिन यदि ये भाषा स्पष्ट न हो तो....?
अमूमन होता ये है कि कोई आपको बहुत-बहुत चाहता है और आप ही से इस बात को छुपाना भी चाहता है, फिर आप कैसे जानेंगे उसके मन की बात? आइए हम यहां आपके लिए कुछ टिप्स दे देते हैं, जो आपको ये जानने में मदद करेंगी कि आप जिन्हें चाहते हैं, वो आपके बारे में क्या सोचते हैं - हर व्यक्ति का अपना एक दायरा होता है, जिसमें वह किसी को आने नहीं देना चाहता लेकिन जब आप किसी की चाहत में डूबे हों तो इस तरह के दायरे अपने आप सिमटने लगते हैं। दिल चाहता है वो इस दायरे को तोड़कर आपके करीब, बिलकुल करीब आ जाएं। और उनके मन की बात जानने के लिए आपको इसी दायरे का सहारा लेना है। उनके बिलकुल करीब जाकर उन्हें अनजाने में छूने की कोशिश कीजिए और उनकी प्रतिक्रिया पर गौर करें यदि वो आपको चाहते हैं तो उन्हें आपकी ये हरकत अच्छी लगेगी अन्यथा वे आपसे दूर होने की कोशिश करेंगे। उनके हावभाव, शारीरिक प्रतिक्रिया आदि पर ध्यान दें। यदि उनके मन में आपके लिए कुछ है तो वो आपको किसी न किसी बहाने छूने की कोशिश करेंगे, आपको देखते ही उनकी आंखों में चमक आ जाएगी, वो हमेशा आपका साथ पाने की कोशिश में लगे रहेंगे। ये ऐसी बातें हैं, जिन पर आप आसानी से उनके दिल की बात जान सकते हैं।
उनकी चाहत के बारे में पता करने का एक और तरीका यह है कि आप किसी न किसी तरह से उनका हाथ अपने हाथों में लेने की कोशिश करें। जैसे यदि उन्हें आपसे कोई चीज चाहिए तो उसे इस तरह से पकड़ें कि वो आपका हाथ पकड़े बगैर उसे ले ही न पाएं। उनकी प्रतिक्रिया पर गौर करें। यदि वो आपका हाथ पकड़ने से कतराते हैं तो फिर उन्हें पटाने की आपकी कोशिश बेकार है। किसी रैलिंग या टेबल या कहीं और अपना हाथ उनके हाथ के करीब रखें यदि वो आपको चाहते हैं तो जरूर आपका हाथ छूने की कोशिश करेंगे। उनके व्यवहार का अध्ययन करें। क्या आपके सामने आते ही उनके हाथ कांपने लगते हैं और उन्हें पसीना आने लगता है? क्या वो बात-बेबात आपकी तारीफों के पुल बांधने लगते हैं?
आपसे मिलने और बात करने के बहाने ढूंढते हैं? यदि हां तो ये बात सही है कि वो आपको
चाहते हैं। ये कुछ ऐसी टिप्स हैं, जिनसे आप अंदाज लगा सकते हैं कि आपके दिल में जिसके प्रति प्यार उमड़ रहा है, वह आपको कितना चाहता है। तो फिर तैयार रहें...। कैसे कहें दिल की बात
आपसे कुछ कदमों की दूरी पर वह लड़की खड़ी है, जिसे आप प्यार करते हैं, लेकिन परेशानी यह है कि आप अब तक उसे अपने दिल की बात नहीं बता सके। वह दूर खड़ी अपने सर्कल में बातें कर रही है, लेकिन वह जानती नहीं कि आप उसे देख रहे हैं और आपकी दिल की धड़कन तेज हो रही है। यह समस्या लगभग हर दूसरे प्रेमी की है, कि वह किसी लड़की से मन ही मन प्यार तो कर लेता है, लेकिन इजहार-ए-मुहब्बत की हिम्मत नहीं जुटा पाता। आइए हम आपको बता रहे हैं कि किसी लड़की के दिल में जगह किस तरह बनाई जाए, उसे अपनी मुहब्बत में कैसे गिरफ्तार किया जाए।
सबसे पहले आप अपने मन में सोच लीजिए कि आप दस लड़कियों को प्रेम प्रस्ताव देने जा रहे हैं और उन दस लड़कियों मे से केवल दो ही आप के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगी, शेष आठ लड़कियां प्रस्ताव ठुकरा देंगी। इस तरह सोचने से आप मानसिक रूप से खुद को तैयार कर पाएँगे और हौसला भी बढ़ेगा। खुद में इतना विश्वास पैदा कीजिए कि आपको किसी और सहारे कि जरूरत न पड़े। याद रखिए अगर आप अपनी मदद नहीं कर सकते तो दुनिया में कौन है जो आप कि मदद कर सकता है। अधिक से अधिक यही होगा कि वह मना कर देगी, लेकिन आपको इस बात का संतोष तो रहेगा कि कम से कम आपने कोशिश तो की।
जाइए और लड़की से स्वयं बात कीजिए, अगर आप पहल नहीं करेंगे तो कोई और बाजी मार ले जाएगा, वक्त किसी के लिए नहीं रुकता। आप के बात करने के दो परिणाम होंगे पहला यह कि वह लड़की आपका प्रस्ताव ठुकरा दे, लेकिन इससे कम से कम ये तो पता चल जाएगा कि वह चाहती क्या है ? और आप उस लड़की के दिल में हलचल भी मचा देंगे। दूसरा परिणाम यह कि वह कोई जवाब ही न दे, इसका मतलब यह है कि वह सोचने के लिए वक्त चाहती है और ये आपकी जीत की निशानी है। तो देर किस बात की, जाइए और कह दीजिए दिल की बात और डूब जाइए रोमांस में



खत लिखना है पर
प्यार करना कोई गुनाह नहीं है। यह सच है कि किसी से प्यार होने पर आपकी जिंदगी के मायने ही बदल जाते हैं। अपने आप में एक आत्मविश्वास पैदा होता है। प्यार जीवन को एक नई ऊर्जा देता है। लेकिन प्यार में किसी द्वारा धोखा दिए जाने पर इंसान इतना टूट जाता है कि अपने आपको संभालना मुश्किल हो जाता है। आज कई लड़कियाँ अपरिपक्व उम्र में तारीफ के दो शब्द कह देने पर उसकी ओर आकर्षित हो जाती हैं एवं इस क्षणिक आकर्षण को प्यार समझ बैठती हैं। भावुकता में बहते हुए वे सामने वाले से न जाने कितने ही वादे करते, कसमें खाते हुए यह भी नहीं जान पातीं कि जिसे वह अपना सब कुछ समझ रही है क्या वह भी उससे उतना ही प्यार करता है? या केवल आपके बाहरी सौंदर्य से आकर्षित होकर झूठे वादे करके आपको बहला रहा है। जिसे आप प्यार का नाम दे रही हैं कहीं वह इस रिश्ते का गलत फायदा तो नहीं उठाना चाहता?
प्यार की मंजिल की ओर बढ़ते हुए बारी आती है प्रेम पत्र की जो सच्चे प्यार में तो बहुत महत्व रखता है लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसका गलत फायदा उठाया जाता है, अतः लड़कियों को चाहिए कि वे प्रेम पत्र लिखते वक्त सावधानी बरतें। यदि आपको लगे कि प्रेम पत्र लिखना जरूरी है तो इन बातों पर गंभीरता से सोचें।
* आपका प्रेमी आपको बार-बार प्रेम पत्र लिखने के लिए उकसा तो नहीं रहा है? यदि वह आपको प्रेम पत्र लिखने के लिए मजबूर करे तो आप यह देखें कि उसकी नीयत ठीक है या नहीं?
* जिन विचारों या बातों का आदान-प्रदान आप प्रेम पत्र द्वारा करना चाहती हैं उन बातों के लिए अन्य कोई माध्यम या मुलाकात हो सकती हो तो प्रेम पत्र लिखने से बचें।
* यह तय कर लें कि सामने वाला भी आपसे सच्चा प्यार करता है, जितना प्यार आप उसे करती हैं या आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ तो नहीं किया जा रहा है।
* आपको अपने प्रेमी पर विश्वास है कि यदि आप उसकी जीवनसंगनी न बन सकीं तो वह उन पत्रों का दुरुपयोग नहीं करेगा।
* यह अच्छी



तरह से सोच लें कि लिखा हुआ हर शब्द दस्तावेज होता है। आपके द्वारा पत्र में लिखी हुई बातें भविष्य में आपके लिए कोई समस्या न बनें





डेटिंग टिप्स
बातों-बातों में बढ़ी बात जब प्यार की हद तक पहुंच जाती है तो इस बात के कोई मायने नहीं रह जाते कि आप कैसे दिखाई देते हैं? लेकिन चाहे कुछ भी कहें ये बात तो आपको माननी ही पड़ेगी कि यदि आप अव्यवस्थित हैं तो आपको स्वयं कुछ अजीब सा महसूस होगा और ऐसे में आपका ध्यान अपने प्रिय से बातें करने में कम और अपने को व्यवस्थित करने पर ज्यादा होगा। क्या कहते हैं आप इस बारे में...?
देखिए चाहे जो भी हो आखिर आप भी तो यही चाहते हैं ना कि आपकी डेट हो हर बार कुछ अलग, जो भर दे आपकी तन्हाइयों को सुनहरी यादों से... फिर जब याद आएंगे आपको ये सुनहरे पल तो गुदगुदाएगा आपका दिल और आपके इश्क का ग्राफ दिनोंदिन ऊपर की तरफ ही बढ़ता जाएगा। आइए गौर करते हैं कुछ ऐसी ही टिप्स पर...
डेट पर जाने से पहले सबसे पहली बात ध्यान में रखें कि आप ज्यादा थके हुए न हों। इससे बचने के लिए भरपूर नींद लें। यदि कहीं लांग ड्राइव पर जा रहे हैं तो पूरी तरह से पैक होकर जाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा लंबी दूरी तक ड्राइव न करना पड़े नहीं तो आप थक जाएंगे।
जहां तक हो सके कपड़ों के चयन में सावधानी बरतें। ऐसा कुछ न पहनें जिससे आपको परेशानी हो, न ही ऐसा कुछ पहनें जिससे आपको शर्मिदगी उठानी पड़े। साथ ही कपड़ों के रंग का चयन करते समय ये ध्यान रखें कि आपके पार्टनर को कौनसा रंग पसंद है। निश्चित ही ये बहुत छोटी सी बात है लेकिन इसे आप खुद ही महसूस करेंगे, जब उनका पसंदीदा रंग पहनकर उनसे मिलेंगे।
डेटिंग के लिए स्थान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी ऐसी जगह पर डेट के लिए न जाएं जो वीरान हो और न ही किसी ऐसे सार्वजनिक स्थल का चयन करें, जहां परिवार के लोग आते हों क्योंकि इससे बार-बार उनकी नजरें तो आपको भेदेंगी ही आप भी उनकी उपस्थिति के कारण बातचीत में व्यवधान पाएंगे।
इसके साथ ही समय और दिन का भी ध्यान रखें। यदि आप रविवार या किसी छुट्टी वाले दिन कहीं जाने का प्रोग्राम बना रहे हैं तो किसी ऐसी जगह का चुनाव करें, जहां ज्यादा भीड़भाड़ न हो और यदि किसी और दिन डेटिंग करना चाह रहे हैं तो समय का ध्यान जरूर रखें। आपस में बातचीत करते समय अपनी आवाज को कंट्रोल में रखें। जोश में आकर जोर-जोर से न बोलने लगें और न ही इतना धीमे बात करें कि आपके पार्टनर को ही सुनाई न दे।
देखिए ये सही है कि आप उनसे मिलने के लिए बहुत बेताब हैं और उन्हें प्रभावित करने के लिए काफी अच्छे से तैयार भी हो रही हैं लेकिन इस बात को न भूलें कि उनके अलावा भी कई सारी नजरें आपको देखेंगी। इसलिए अपने मेकअप पर ध्यान दें। भड़कीला मेकअप उन्हें भी पसंद नहीं होगा। बातें, बातें और बातें... यही तो उद्देश्य है आपकी डेट का। लेकिन ऐसा नहीं हो कि आपमें से कोई एक अपनी कहता रहे और दूसरा सुनता रहे। दोनों के पास ढेरों बातें होंगी एक-दूसरे को बताने के लिए। इसलिए उन्हें भी कुछ कहने दें। उपहार वो जरिया हैं जिनसे आप अपने प्यार को और भी अच्छी तरह से जता सकते हैं लेकिन ये जरूरी नहीं कि हर बार उपहार दिया जाए। आपके बीच कुछ बातें ऐसी हो सकती हैं, जो अपने आप में किसी उपहार से कम न हों। लीजिए जनाब, ये तो कुछ टिप्स हमने आपको दे दीं हैं या यूं कहें कि याद दिला दी हैं, अब इन्हें अपनाएंगे तो आप ही ना। इसलिए देर न करें और जल्दी से फोन घुमाकर डेट फिक्स कर लें...।
ज़रूरत है
मेरी और तेरी चाहत में थोड़ा सा है फ़र्क ये मुझे फकक़ तेरी तुझे संसार की ज़रूरत है
एक धड़कन होती तो समझा भी लेता उसे तू मेरे दिल के हर इक तार की ज़रूरत है
जो कहना था मुझे मेरी ग़ज़ल ने कह दिया तेरी ज़िद फ़िज़ूल कि इज़हार की ज़रूरत है
अपनी सहूलियत से करते हैं इलाज़-ए-मरीज़ किस को ये फ़िक्र क्या बीमार की ज़रूरत है
ना-मुमकिन उसका कोई इलाज़ इस दुनिया में हो लोग कहते हैं उसे बस प्यार की ज़रूरत है
अगले जनम में क्या मिले क्या नही खुदा जाने मेरे लिए तेरा ये प्यार इस बार की ज़रूरत है
पढ़ लीं तेरी आँखों में दुनिया की बातें तमाम कोई किताब चाहिए ना अख़बार की ज़रूरत है
उस से प्यार कर बैठा मेरा मासूम दिल जिसे मेरी ज़रूरत है ना ही मेरे प्यार की ज़रूरत है
दुनिया में मासूम को अब प्यार ना होगा कभी हर अख़बार में इसी इश्तेहार की ज़रूरत है
मासूम इस कश-म-कश में शयरी ना कर सका क्या है प्यार की क्या बाज़ार की ज़रूरत है


धडकन बंद हो गई
तुम मेरे दिल कि धडकन हो अगर दिल कि धडकन बंद हो गई
तो मैं ना रहूँगा ...दोस्त अभी मुझे जीना है तेरे संग देखना है
खुशियों का दोस्ती का रंग तुम मुझे यूँ ना भुलाओ ....
सांसे बढाओ वक़्त थोडा है पास मेरे बहुत कुछ अभी करना बाकी है
वो जखम जो अपनों ने दिया.उसे अभी भरना बाकि है
तेरे प्यार की आदत सी पड़ गयी है मुझे .कुछ देर तेरे साथ मेरा चलना बाकी है
वरना रूह कहेगी रुक जा अभी तेरे यार का जलना बाकी है
देखों हिम्मत हार न जाना वर्ना बहुत पछताओगे सूरज पीछे दौड़ रहा है ठहरे तो जल जाओगे
आज अगर मैं जख्मी हूँ कल तुम घायल हो जाओगे
राह में पत्थर रखने वालो तुम भी ठोकर खाओगे हम पर
हंसने वालों जैसे उम्र गुजारी है हमने दो दिन जीना पड़ गया तो
पागल हो जाओगे उसका चेहरा और ये आंखें क्यों नादानी करते हो देर तलक सूरज देखोगे
तो अन्धे हो जाओगे सारे शहर में आग लगाकर खुश
तो बहुत आते हो नजर सोचा भी है अब अपने घर किस रस्ते से जाओगे................








मजबूरी' और 'नसीब' के बीच
मेरी आँखों में उतरो, इन्हें समुन्दर कर दो ...
कुछ देरी सही मोह्हबत की एक नजर कर दो ....
टूट कर यु मिलो की अरमान ना रहे जाये कोई ..यु मोह्हबत के हर लम्हे को अमर कर दो ..
तुम पर आये ना वक़्त-ऐ-क़यामत ऐसा..बड़ी मुश्किल है जुदाई, इसे मुख्तसर कर दो ...
जो हमारे बहुत करीब है उसे हम छू नही सकते शायद इसे 'मजबूरी' कहते है,
जो हमे चाहता है उसे हम पा नही सकते शायद उसे 'नसीब' कहते है.....!"
इसी 'मजबूरी' और 'नसीब' के बीच
मदीरा हू मै, बनी हू प्यालो मे छलकने के लिये।
मिटा देती हू खुद को दिल लोगो का बहलाने के लिये, जमाना मुझे खराब कहता है
शायर कहते है शराब है, एक बार लगा लो होटो से गम अपने भुलाने के लिये॥
आग का समन्दर हू मै, हू मै रातो की हू रोशनी भी शायरो की गजल हू मै कवियो की हू कविता भी ।
नासमझ है जो मुझे से खेला करते है घर अपने जलाने के लिये॥
मुझे नफ़रत से देखने वालो, ए... मेरी फ़ितरत को बदनाम करने
सदियो से महफिले अपनी सजाने के लिये॥ कई मुल्को की जरूरत हू मै ,
कभी राजाओ की थी आन भी हर मजहब की पहचान हूम मै,
हर महफ़िल की हू शान भी कायर मुझे पीते है,
कायरता अपनी छिपाने के लिये आनंद मदिरा हू मै बनी हू प्यालो मै छलकने के लिये.....॥

मोहब्बत हूँ

मैं साहिल पर लिखी इबारत नहीं जो लहरों से मिट जाती है
मैं बारिश की बरसती बूंद नहीं जो जो बरस कर थम जाती है
मैं ख्वाब नहीं जिसे देखा और भुला दिया जाये मैं शमा नहीं
जिसे फुका और बुझा दिया जाये मैं हवा का झोंका नहीं
जो आये और गुजर जाये मैं चाँद भी नहीं हूँ
जो रात के बाद ढल जाता है मैं वो एहसास हूँ
जो तुझ मैं लहू बन कर गर्दिश करे मैं वो रंग हूँ
जो तेरे दिल पर चरे और कभी न उतरे ख्वाब इबारत हवा के तरह
चाँद बूंद शमा की तरह मर मिटने का सवाल ही नहीं
क्योकि मैं तो मोहब्बत हूँ और मोहब्बत का कोई जवाब नहीं ......

दोस्तो से

खुशी भी दोस्तो से है,गम भी दोस्तो से है,तकरार भी दोस्तो से है,
प्यार भी दोस्तो से है,रुठना भी दोस्तो से है,
मनाना भी दोस्तो से है,बात भी दोस्तो से है,
मिसाल भी दोस्तो से है,नशा भी दोस्तो से है,
शाम भी दोस्तो से है,जिन्दगी की शुरुआत भी दोस्तो से है,जिन्दगी मे मुलाकात भी दोस्तो से है,
मौहब्बत भी दोस्तो से है,इनायत भी दोस्तो से है,काम भी दोस्तो से है,
नाम भी दोस्तो से है,ख्याल भी दोस्तो से है,अरमान भी दोस्तो से है,
ख्वाब भी दोस्तो से है,माहौल भी दोस्तो से है,यादे भी दोस्तो से है,
मुलाकाते भी दोस्तो से है

पहला चुंबन एक यादगार लम्हा

प्रेम करने वाली लड़की सोना नही, चाँदी नही,गाड़ी नही, बँगला नही।. चाहती है बस किसी ऐसे का साथ जो समझ सके उसकी हर बात और अपने प्रेम की तपिश से उसे बना दे कुंदन सा सच्चा व पवित्र। अब वह आईना भी देखती है तो किसी दूसरे की नजर से परखती है स्वंय को और अपने स्व को दे देती है तिलांजलि। प्रेम करने वाली लड़की के पाँव किसी नाप की जूती में नही अटते, समाज के चलन से अलग होती है उसकी चाल।
माँ की आँख में अखरता है उसका रंग-ढ़ग, पिता का संदेह बढ़ता जाता है दिनों दिन और भाई की जासूस निगाहें करती रहती है पीछां गाँव-घर के लोग देने लगते है नसीहतें समझाने लगते है ऊँच-नीच अच्छे-बुरे के भेद मगर प्रेम करने वाली लड़की जानना समझना चाहती है दुनिया को


पहला चुंबन एक यादगार लम्हा

हर प्रेमी-प्रेमिका अपने साथी को 'किस' करना चाहते हैं और लगभग हर बार उन्हंि अपने साथी को किस करने के लिए थोड़ी-बहुत हिचकिचाहट और कुछ ना-नुकुर का सामना करना पड़ता है।
यदि प्रेमी-प्रेमिका पहली बार एक-दूसरे का चुंबन ले रहे हों तो दोनों का हड़बड़ाना स्वाभाविक है। वे तय नहीं कर पाते कि बातों ही बातों में कैसे चुंबन लिया जाए। पहली बार अपने साथी को किस करना सचमुच ही चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि अकसर पहली बार चुंबन लेते समय अपने साथी की प्रतिक्रिया के बारे में कुछ पता नहीं होता।
अकसर हम फिल्मों में चुंबन दृश्य देखते हैं, लेकिन उनके तरीके के सही होने में संदेह है। यह बात महत्वपूर्ण नहीं है कि आप पहली बार किस कर रहे हैं या कई बार कर चुके हैं, महत्वपूर्ण यह है कि क्या आप दिलकश किस कर पाते हैं? जो आपके दिल की धड़कन को बढ़ा दे और आपके साथी को आपके बारे में दिन-रात सोचने पर मजबूर कर दे। पहला किस आपके रोमांस संबंध की नींव होता है, इसे प्रभावी और यादगार बनाने के लिए नीचे कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं।
कब करें किस
जब प्रेमी मुलाकात खत्म करके अपने-अपने गंतव्य की ओर जा रहे हों तो किस करने का बेहतरीन समय होता है, इसे 'गुडबाय किस' कहते हैं। पहली बार किस करने का इससे बेहतर बहाना दूसरा और कोई नहीं हो सकता। यदि आप पहला किस पहली मुलाकात में ही कर रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि आपने अपने साथी के साथ मुलाकात का भरपूर मजा लिया। यदि आपने दो-तीन मुलाकातों के बाद भी अपने साथी को किस नहीं किया है, तो वह सोचेगा कि आप उसमें बिलकुल भी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
कैसे जानें कि उन्हें किस चाहिए
किस करने में अमूमन प्रेमिकाएँ पहल नहीं करतीं, लेकिन वे अपने हाव-भाव से किस करने का निमंत्रण जरूर देती हैं, जिसे प्रेमी को समझना आवश्यक है। जैसे यदि प्रेमिका कुछ अधिक नेत्र सम्पर्क बनाए, सटकर बैठे और बार-बार अकारण ही आपको छू ले तो समझ लीजिए कि वह किस चाहती है।
पहला किस कैसा हो
किस आपके साथी के प्रति आपके व्यवहार और भावनाओं का प्रतीक होता है, इसलिए पहला किस जितना सौम्य हो उतना ही आपके संबंधों में निखार आएगा।
पहले किस के दौरान सलाइवा के आदान-प्रदान से बचा जाए तो बेहतर होगा, इसके अलावा बंद मुँह से बिना जीभ स्पर्श के किस करने से यह संदेश जाता है कि आप अपने साथी की बहुत परवाह करते हैं।
पहला किस कितना लंबा हो
पहला किस सिर्फ कुछ क्षणों का होना चाहिए, वैसे इसका कोई निश्चित समय तय नहीं है। जब आपके होंठ आपके साथी के होंठ को स्पर्श कर जाएँ तो कुछ सेकंड बाद आहिस्ता अपने होंठ अलग कर लें। किस के दौरान यदि आपको यह अहसास हो कि सामान्य से अधिक समय बीत चुका है और अब भी आप का साथी किस को जारी रखे हुए है तो आपको कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
हर व्यक्ति के किस करने का अपना एक खास स्टाइल होता है और जब उस खास स्टाइल को इन टिप्स के साथ अमल में लाया जाए तो किस यादगार और दिलकश होगा। अगर आपने अब तक अपने प्यार को पहला किस नहीं किया है तो जाइए और इन टिप्स को आजमाते हुए रूमानी किस कीजिए।













रात के 12 बजे
रात के करीब 12 बजे होंगे। अचानक ही मेरी नींद खुल गई। ड्राइवर ने बस को जोरदार ब्रेक मारा। बस का टायर पंक्चर हो जाने से वह बड़ी मुश्किल से स्टेयरिंग पर काबू कर सका था।
बारिश का मौसम होने के कारण बस में भी बहुत कम मुसाफिर थे। हम सभी लोग बस से नीचे उतर गए। सभी को जो भी वाहन मिला उनसे लिफ्ट लेकर इंदौर के लिए रवाना हुए। मैं अकेली डरी-सहमी हुई थी। सोचा था बस में ही रात गुजार दूँ लेकिन दो अनजान आदमियों (ड्राइवर और कंडक्टर) का भरोसा एक लड़की कैसे कर सकती है। एक लड़की के लिए भूत-पलीतों से ज्यादा डर उन लोगों से रहता है जो औरतों को अपनी हवस का शिकार बनाते हैं। जब बस के सभी यात्री वहाँ से रवाना हो गए तब मेरा यह डर बहुत ही बढ़ गया।
मैंने चलना शुरू किया। रास्ते में सोचती जा रही थी मालूम होता तो ओंकारेश्वर में रहनेवाले मेरे चाचा के घर से जल्दी निकल जाती। इस मुसीबत का सामना तो नहीं करना पड़ता शायद भगवान मेरी परीक्षा लेना चाहता था। आकाश में बिजली गरज रही थी। आसपास कुछ भी दिखाई नहीं देता था। चारों ओर बस जंगल ही जंगल।
कभी-कभी जंगली जानवरों की आवाज कानों से टकराकर चली जाती थी। चाँद भी आज मुझसे रूठा था। मालूम नहीं कहाँ छुप गया था। करीब आधा घंटा चली कि अचानक ही एक कार मेरे पास आकर रुक गई। उसे एक साँवला युवक चला रहा था। मैडम इतनी रात गए आप कहाँ जा रही हैं और ये बारिश...'चलो मैं आपको लिफ्ट दे देता हूँ।'
मेरे सामने एक विकट समस्या खड़ी हो गई..अगर उसको मना कर देती तो शायद कोई दूसरा मददगार न मिलता और अगर हाँ कह देती हूँ तो एक अनजाने शख्स पर भरोसा करूँ तो भी कैसे? एक तरफ कुआँ तो दूसरी तरफ खाई।
माँ कहा करती थी कि बेटी जब भी तुम कोई मुश्किल में फँस जाओ और उससे बाहर निकलने के लिए दो विकल्प हो..तब उसी विकल्प को पसंद करो जो तुम्हारा दिल चाहता है। मैंने वही किया और आखिर में उसकी कार की अगली सीट पर बैठ गई। उसका नाम दीपक था जो इस अंधकारभरी रात में मेरे लिए दीपक बनकर रास्ता दिखाने आ गया था।
बातों-बातों में मालूम पड़ा कि वह ग्वालियर का था और इंदौर किसी बिजनेस के काम से जा रहा है। मैंने उसमें एक बात खास देखी। पिछले आधे घंटे में उसने एक भी बार मेरे सामने नहीं देखा था। मुझे वह थोड़ा अकड़ू लगा। थोड़ा गुस्सा भी आया। शायद यह पहला शख्स होगा जिसको मेरी सुंदरता ने शिकार नहीं बनाया होगा। मेरा बदन भी पूरी तरह भीग चुका
उसने आगे बढ़कर मुझसे कोई बात नहीं की, जो भी सवाल मैंने किए वह सिर्फ उसका जवाब देता गया। यहाँ तक कि मुझे सामने से कहना पड़ा कि मेरा नाम निशा है और मैं इंदौर की रहने वाली हूँ। रात को ही उसे रास्ते में मोबाइल आया कि जिन लोगों से वह मिलने के लिए जा रहा है उन्हें इंदौर आने में कुछ वक्त लगेगा। अत: वह 4-6 घंटे और इंतजार कर ले।
करीब-करीब सुबह छ: बजे मैं अपने घर पहुँच गई। मैं इस मददगार को अपने परिवार से मिलवाना चाहती थी लेकिन अफसोस घर पर ताला लगा था। मेरे दिमाग में यह बात तो बिल्कुल ही नहीं रही कि मम्मी-पापा पाँच दिनों के लिए एक रिश्तेदार की बेटी की शादी में भोपाल गए हुए हैं। अब इस शख्स को घर के अंदर ले जाऊँ तो भी कैसे? वह स्थिति समझ गया और जाने की तैयारी करने लगा। लेकिन मैंने हिम्मत जुटाकर उससे कॉफी पीने का आग्रह किया जिसके लिए वह राजी हो गया। हम घर के अंदर गए। मैं उसको गेस्ट रूम में बैठाकर कॉफी बनाने चली गई। कॉफी पीने के बाद मैंने उससे कहा कि आप आज हमारे मेहमान हैं। वैसे भी आपको ग्वालियर जाने की जल्दी नहीं है... बुरा न मानें तो जाते-जाते हमारा यह शहर ही देखकर जाइए।
अचानक मेरे प्रस्ताव से उसकी आँखें चार हो गई। एक तो वह पहले से ही डरा हुआ था क्योंकि जब से वह मेरे घर में दाखिल हुआ था तब से अपने हाथ में पहनी हुई घड़ी को बार बार देख रहा था शायद वह जल्दी मुझसे छुटकारा पाना चाहता था।
परंतु वह मेरी बात को नहीं टाल सका। हँसकर बोला चलिए इसी बहाने आपका शहर देख लेंगे। हम दोनों तैयार होकर निकल पड़े। इंदौर की 2-3 ख्यात जगह दिखाने के बाद आखिर में हम खजराना मंदिर पहुँचे।
उस दिन मंदिर के ट्रस्ट के द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। मैंने पहले भी अनेक बार रक्त दान किया और इसमें मुझे बहुत सुकून मिलता है और मैंने यहाँ भी खून देने का निर्णय लिया और दीपक को भी इसके लिए प्रेरित किया। लेकिन उसने इसमें रूचि नहीं दिखाई। उसके इस निर्णय पर मुझे आश्चर्यमिश्रित दुख हुआ।
दर्शन करने के बाद हम वापस आए। मैंने बीच रास्ते में कुछ सामान खरीदा उसको उपहार के तौर पर गणेशजी की एक छोटी प्रतिमा दी। अब हमारी जुदाई का समय आ गया था। मैंने उसकी सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए उसे विदा किया। पल भर में ही उसकी कार मेरी नजरो से ओझल हो गई। लेकिन जल्दबाजी और घबराहट में उसका कॉन्टैक्ट नंबर लेना भूल गई या वह ग्वालियर में कहाँ रहता है यह भी नहीं जान पाई।
खैर इस बात को तीन महीने हो गए। मैं अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गई। एक दिन दोपहर को अचानक ही मेरे घर की डोरबेल बजी... डाकिया डाक छोड़कर गया था। मैंने उसको उठाया। वह किसी अनाथाश्रम से आया था। मैं उसे पढ़ने लगी।
'' प्रिय निशा'
मुझे मालूम है कि तुम मुझसे नाराज होगी..तुम्हारा गुस्सा होना भी लाजमी भी है...क्योंकि मैंने एक भी बार तुमसे प्यार से बात नहीं की। तुमसे मुलाकात के बाद दिल करता था कि निशा का दीपक बनकर जीवनभर जगमगाता रहूँ लेकिन इस दीपक की लौ में इतनी ताकत नहीं थी कि वह जीवनभर तुम्हारा साथ दे सकती। जीवन में हम जो चाहते हैं वह हमें कभी नहीं मिलता और हमने जिसके बारे में कल्पना भी नहीं कि होती वह अचानक हमारी नजरों के सामने आकर खड़ा हो जाता है।
मुझे ब्लड कैंसर था और इसकी जानकारी भी डॉक्टरों को अंतिम स्टेज पर आकर हुई थी। इसीलिए उस दिन मैं रक्तदान नहीं कर सका था। डॉक्टरों के अनुसार मेरी जिंदगी के सिर्फ तीन महीने बचे हैं इसलिए ही जीवन के अंतिम दिनों में भगवान की खोज के लिए निकल पड़ा था। ओंकारेश्वर से लेकर खजराना तक इस खोज में तुमने मेरा साथ दिया।
यह पत्र जब तुम्हारे पास पहुँचेगा तब तक मैं इस दुनिया को अलविदा कह चुका होउँगा। मैंने तुम्हारी दी हुई गणेशजी की मूर्ति उसी अनाथाश्रम के मंदिर में रख दी है जहाँ पर मैं पला-बढ़ा था।
- दीपक
खत पढ़ने के बाद मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई। मेरे आँसू ठहरने का नाम नहीं ले रहे थे। अचानक ही आँखों के सामने अँधेरा छा गया जब आँख खुली तो मैं एक बिस्तर पर लेटी थी। सामने मम्मी और पापा एक डॉक्टर के साथ चिंतित मुद्रा में खड़े सबसे अनमोल तोहफा प्यार
कुदरत का सबसे अनमोल तोहफा प्यार है। यह बाँटने से और बढ़ता है तथा अपनी भीनी-भीनी महक को प्रकृति में चारों ओर बिखेर देता है। यूँ तो प्यार के प्रेम, इश्क, लव रोमांस, चाहत, मोहब्बत जैसे कई प्यारे नाम हैं पर प्यार की खूबसूरती पर इन नामों का कोई असर नहीं होता है। लोग बदल जाते हैं, पर प्यार कभी नहीं बदलता है। यह तो ऐसा संक्रामक रोग है जो देखने से भी फैलता है और कभी भी, कहीं भी, किसी को भी हो सकता है।
कुछ लोग कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है। पर प्यार देखकर, समझकर तो किया ही जा सकता है। प्यार क्या है, किससे करें, कब करें ऐसे कई अनसुलझे सवाल हैं कि अगर जानबूझकर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो अंत में निराशा तथा दिल के टूटने की आहट ही सुनाई देती है। कई बार जिएँगे तो साथ-मरेंगे तो साथ ऐसी कसमें खाकर उसे निभाने के वादे तो लोग कर लेते हैं लेकिन प्रेम में परवान चढ़ते-चढ़ते जब जिंदगी की हकीकत से सामना होता है तो सारे सपने उनके कदमों तले टूटकर बिखर जाते हैं और कुछ दिनों का इश्क जीवनभर के अश्क बन जाता है।
यह स्थिति स्वाभाविक भी है क्योंकि जब कोई किसी से सच्चा प्रेम करता है एवं केवल सामने वाले के रूप-रंग से आकर्षित नहीं होता बल्कि उसकी सीख से प्रेम करता है तो वह कभी भी यह जानने की कोशिश नहीं करता है कि वह जिसके इश्क में गिरफ्तार है, वह उसके प्रति क्या सोचता/सोचती है। वह वफादार है या नहीं। उसकी आने वाले भविष्य में क्या योजनाएँ एवं संभावनाएँ हैं। इसी का परिणाम होता है- मोहब्बत में बेवफाई। हालाँकि सभी के साथ ऐसा नहीं होता है कि इश्क में ठोकरें ही मिलें, पर कोई जानबूझकर






यह दुनिया बड़ी गोल है।
कई आशिकों की गाड़ी जब प्यार के प्लेटफार्म से गुजरकर शादी के स्टेशन पर रुकती है तो बिना टिकट के यात्री की तरह इनकी सचाई भी सामने आने लगती है। ऐसे में समझदार माँ-पिता केवल प्यार के नाम पर ही बेटे-बेटी की शादी उस लड़के-लड़की से करने को तैयार नहीं होते हैं जो केवल प्यार का दम भरता है। ऐसे मामलों में अगर कभी शादी हो भी जाए तो लोग कुछ दिनों तक तो मदद करते हैं, फिर तो दोस्त भी कन्नी काट लेते हैं।
ऐसे में विवाह भी नाकामयाब हो जाता है और छोटी-सी गलती नासूर बनकर जीवनभर दर्द का अनुभव कराती है। कहने का अर्थ यह है कि जिस प्रकार पैसा कमाने के लिए शिक्षा, अनुभव एवं सीखना आवश्यक है, उसी प्रकार प्रेम को जीवन पर्यन्त सुंदर बनाए रखने के लिए भी यह जरूरी है कि हम इसके बारे में देख लें, परख लें एवं धोखा खाने से संभवतः बचने का प्रयास करें।
यूँ तो प्यार में चोट देने वाला, पहचान के बाद भी चोट दे सकता है। पर फिर भी थोड़ी खोजबीन जरूरी है। आपने देखा भी होगा कि कोई आपको प्यार तो बहुत करता है पर कह नहीं पाता या फिर हमेशा ही जताता रहता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी आप बड़ी उलझनों में भी घिर जाते हैं। इन समस्याओं से बचने और अपने प्यार को परखने के लिए कुछ सामान्य से उपाय करके देखिए- * अगर सामने वाला चाहता है और आपके लिए कुछ भी करने को तैयार है परंतु इस बात को अहसान बताकर याद दिलाता रहता है तो समझ लेना चाहिए कि वह आपसे प्यार नहीं करता है और आपको अपने अहसानों तले दबाकर रखना चाहता है।
* यदि आपका प्रेमी/प्रेमिका आपके सामने ही आपके दोस्त या सहेलियों को मोहने की कोशिश कर रहे हों तो आगे क्या होगा। यह जरूर सोचें। अगर आगे भी वह ऐसा ही व्यवहार रखता है तो वह इनसान प्रेमी तो क्या दोस्त भी नहीं बनाया जा सकता है।
* प्यार में उपहारों का बड़ा गहरा रिश्ता है। यदि कोई आपको ऐसा तोहफा दे जो आपके बहुत काम का हो, तो यह समझना होगा कि वह आपका ख्याल रखता है एवं स्वयं से अधिक आपकी भावनाओं के बारे में सोचता है। ऐसा व्यक्ति आपके लिए बेहतर साथी सिद्ध हो सकता है।
* अगर आपको पसंद करने वाला आपकी सभी बातों का समर्थन करे, चाहे गलत हो या सही, तो मानना चाहिए कि सामने वाला आपको पाने के मकसद से ही आपकी गलतियों को छिपा रहा है। ऐसा वह किसी और स्थिति में भी कर सकता है।
* यदि प्रेमी/प्रेमिका आपकी उन मामलों में भी मदद करे, जो उसकी सीमा के बाहर है तो यह मानना चाहिए कि आपको बहुत चाहता है और सदा काम करने के लिए आगे रहता है।
* अगर कभी प्यार करने वाला आपका जन्मदिन ही भूल जाए या अन्य जरूरी मौकों पर सहयोग न करे और प्यार का दम भरे तो समझ लीजिए कि वह आपके बारे में कम और खुद की रक्षा करने के बारे में अधिक सोचता है।
* यदि कोई लम्बे समय तक आपसे मिलता रहे, प्यार जताता रहे परंतु शादी की बात बिना किसी बड़े कारण के टालता रहे तो निश्चित ही वह आपसे शादी नहीं करना चाहता है। केवल टाइमपास बना रखा है। ऐसे में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
* शादी से पहले ही अगर साथी का व्यवहार एवं माँगें अनुचित हों तथा तरह-तरह के प्रलोभन देकर वह केवल अपनी बात ही मनवाना चाहे तो स्वयं फैसला कीजिए कि ऐसा साथी जीवन के सफर में आप से कितनी वफा निभा सकेगा।
यदि आपको चाहने वाला आपके अलावा आपके पूरे परिवार को भी उचित मान-सम्मान देता है तथा परिवार में सदस्य की तरह ही व्यवहार करे तो मान लीजिए कि ऐसे व्यक्ति से आप शादी कर सकते हैं।
* शादी से पहले लड़के/लड़की के परिवार संबंधी एवं कामकाज के बारे में भी खोज कर लें। प्रेमी यदि बेरोजगार है तो सोच-समझकर ही प्यार को आगे बढ़ाएँ अन्यथा स्पष्ट बात कर लें।
कुल मिलाकर इन बिंदुओं के आधार पर आप कम से कम यह निष्कर्ष तो निकाल ही सकते हैं कि जिससे आप प्यार कर रहे हैं वह आपके साथ कहाँ तक चल पाएगा। यकीन मानिए इनको अपनाकर अगर आपने अपने दिल को टूटने से बचा लिया तो कभी भविष्य में यह नहीं सुनना पड़ेगा कि
'मुहब्बत है, जरा सोच समझकर रोना……………………………….एक आँसू भी टूटा, तो सुनाई देगा।'
इसलिए प्यार में बेवफाई करने और सहने से अच्छा है कि जब प्यार हो तो प्यार को कसौटी पर घिसकर परख भी लें।
यह दुनिया बड़ी गोल है। गोल होने के बावजूद यहाँ पर कई सारे झोल है।" यहाँ पर हर दिन किसी ना किसी गली, या नुक्कड में प्यार का इजहार होता है..इन्कार होता है इकरार और इंतजार होता है। आखिर यही चीजें ही तो प्यार को हमेशा जोड़कर रखती है। यहाँ पर पल में कोई जीवन भर के लिए आप के साथ जुड़ जाता है जबकि दूसरे ही पल आप से नाता तोड़ चला जाता है। आड़ी-टेढ़ी गलियों और रास्तों में। यहाँ प्यार को छोड़ने और पकड़ने का तमाशा आए दिन होता रहता है।
इस तमाशे के मुख्य किरदार प्यार करने वाले दो शख्स है और देखने वाली सारी दुनिया हैं। यहाँ सच्चे प्रेमी को कभी-कभी बेवफाई का झटका भी लगता है, कभी फटका भी लगता है, कभी धक्का भी लगता है तो कभी मुक्का भी लगता है। कभी-कभी यही झटके और फटके जीवन को नरक बना देते हैं।
जब होश आता है तो मालूम पड़ता है कि हम घूम-फिर कर वहीं आ गए है जहाँ से हमने शुरुआत की थी। बस साथ देने वाला वो हमसफर नहीं है वह तो कब से आप को चूना लगाकर आगे निकल गया है।
लेकिन फिर भी उसकी महक आप को हर पल महसूस होती है। फर्क सिर्फ इतना है कि वह अब आपके सामने प्रत्यक्ष तौर पर मौजूद नहीं है उसकी छवि अब आप को चाँद-तारों में दिखाई देती है। सागर की लहरों में और वीणा के स्वरों में उसकी आवाज सुनाई देती है। खिलते हुए फूलों में, गीत गाते हुए पँछियों में हर जगह बस आप उसको ही पाते हैं।
आखिर इसी का नाम ही तो प्यार है । सच्चा प्रेम वही है जिसमें आपका पूरी तरह डूब जाने का मन करता है। जहाँ पर दिल अपना होने के बावजूद भी दर्द पराए सहे जाते हैं। यहाँ कोई सवाल किया नहीं जाता क्योंकि प्रेम है तो प्रश्न नहीं है। प्रेम सदा ही सब कुछ खोने को तैयार होता है लेकिन यदि प्रेम नहीं है तो फिर प्रश्न ही प्रश्न है।




एक बार मुस्करा दो
अगर आप भी अपनी गर्लफ्रेंड के होंठों पर मुस्कान देखना चाहते हैं तो हम बताते हैं उसके लिए कुछ टिप्स, जिससे आपकी वो खुश हो जाएँगी और उनकी खुशी से बढ़कर आपको और क्या चाहिए? तो लीजिए-
* उनसे कहें कि वह खूबसूरत है कभी भी उन्हें हॉट या सेक्सी न कहें।
* उनका हाथ कुछ सेकंड के लिए जरूर थामें।
* प्यार से उनके सिर को चूमें।
* नींद से जगाने के लिए उनकी ही रिकॉर्ड आवाज को उन्हें सुनाएँ।
* उन्हें बराबर यह बात कहते रहें कि आप उन्हें कितना प्यार करते हैं।
* अगर वह परेशान है तो उन्हें गले लगाकर इस बात का एहसास दिलाएँ कि वह आपके लिए कितना मायने रखती है।
* उनकी छोटी-छोटी बातों का भी ख्याल रखें, क्योंकि यह प्यार का बहुत जरूरी हिस्सा होता है।
* कभी-कभी उनके पसंदीदा गाने भी उन्हें सुनाएँ, चाहे आपकी आवाज कितनी भी खराब क्यों न हो।
* उनके दोस्तों के साथ भी कुछ समय बिताएँ।
* उनके नोट्स आप तैयार कर दें।
* अपने परिवार के लोगों और दोस्तों से भी उन्हें मिलाएँ, इससे आपके प्रति विश्वास बढ़ेगा।
* उनके बालों को प्यार से सहलाएँ, इससे उन्हें सुकून मिलेगा।
* कभी-कभी आप उनके साथ मस्ती भरा खेल भी खेलें, जैसे गुदगुदाना, गोद में उठाना, कुश्ती करना।
* पार्क लेकर घूमने जाएँ और अपने दिल की बातें कहें।
* हँसाने के लिए जोक्स सुनाएँ।
* आधी रात को उनकी खिड़की के नीचे छोटे से पत्थर का टुकड़ा फेंकें और उन्हें बताएँ कि आप उन्हें कितना 'मिस' कर रहे हैं।
* सोते वक्त उनके नीचे गिरते हाथों को अपने हाथों में ले लें।
* अपने नामों को पेड़ पर लिखकर घेरें।
* जब वह आप में पूरी तरह खो जाए तो उसे प्यार से चूमें।
* उन्हें कभी-कभी अपने कंधों पर उठाएँ।
* उनके लिए फूलों का तोहफा ले जाएँ।
* अपने दोस्तों के बीच भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार करें, जैसा आप अकेले में करते हैं।
* उनकी आँखों में देखकर मुस्कराएँ।
* आपकी जो तस्वीर उन्हें पसंद हो उन्हें जरूर दें।
* उनके साथ डांस करें, अगर म्यूजिक न हो तो भी।
* बारिश में उन्हें चूमें।
* हमेशा अपने प्यार का इजहार करते रहें।





जब प्यार किसी से होता है


पुरुषों की सबसे बड़ी गलती यही होती है कि वो पहली ही मुलाकात में सोचने लगने लगते हैं कि लड़कियाँ उनकी दोस्त नहीं गर्लफ्रेंड बनें। ये बात उन्हें निराश करती है कि उनसे जितनी भी लड़कियाँ मिलती हैं वो उन्हें दोस्त ही क्यों बनाना चाहती हैं। ऐसे लड़कों को अपनी सोच में बदलाव लाना चाहिए, ताकि हर लड़की आपकी ही ख्वाहिश रखे। आइए कुछ ऐसी ही बातों पर आपका ध्यान दिलाते हैं, जिससे आप अपनी गर्लफ्रेंड के दिल में जगह बना सकें-
* ज्यादा भावुक न हों - अक्सर यह देखा जाता है कि पुरुष प्यार में ज्यादा भावुक हो जाते हैं। ऐसा करने से बचें। ऐसा न हो कि आप अपनी भावुकता में अपने दिल की बात कह ही न सकें। कोई और उसकी जिंदगी में आ जाए। इसलिए जो भी मन की बात हो उसे स्पष्ट रूप से कहें। आप क्या चाहते हैं, आपकी अपने साथी से क्या अपेक्षाएँ हैं सारी बातें दिल खोलकर करें। हो सकता है वह बहुत खुश होगी या फिर बहुत ही नाराज।
* अपना निर्णय भी दें - लड़कियों को हमेशा ऐसे लड़के पसंद आते हैं, जो अपना निर्णय ले सकें और उसपर कायम रहें। अगर वो आपसे पूछे कि आज हमें कहाँ चलना चाहिए, तो अनमना-सा जवाब न दें कि आपको नहीं पता। आपका यह व्यवहार यह दर्शाता है कि आपमें निर्णय लेने की क्षमता नहीं है और लड़कियों को ऐसे पुरुष कभी पसंद नहीं आते हैं।
* अवसादग्रस्त न रहें - यह संभव नहीं कि इंसान हमेशा खुश रहे, लेकिन हमेशा अवसाद से घिरे न रहें। कोई भी लड़की यह नहीं चाहेगी कि उसका साथी हमेशा परेशान और थका-हारा सा रहे। वह चाहती है कि उसका पुरुष साथी अपने लक्ष्य के प्रति सजग और आत्मविश्वासी हो।
* जल्दबाजी न करें - अगर आपको कोई लड़की पसंद है और आप उसे दोस्त नहीं गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हैं तो हड़बड़ी न करें। अगर वो आपसे कहती है कि आप उनके सबसे अच्छे दोस्त हैं तो अपनी दोस्ती में खलल न डालें। पहले दोस्ती की ही पहल करें। इस रिश्ते में आप खुद को ज्याद सहज महसूस कर पाएँगे।
यह कैसा वेलेंटाइन डे है
हम क्यों मनाते हैं वेलेंटाइन डे? हमारा इससे क्या वास्ता? हमें इससे क्या लेना-देना? न तो यह हमारी संस्कृति में है और न ही हमारे देश में कभी इस दिवस का प्रचलन था। फिर क्यों कर हम इसे मनाएँ। फिर भी हम इसे मनाते हैं। हम भारतवासी हैं। हमने दुनिया को प्यार करना सिखाया है। इसलिए दुनिया में अगर प्रेम के लिए कोई दिवस मनाया जाता है तो हम क्यों इसे ठुकराएँ। हमने तो हमेशा सबका आदर किया है। इतिहास गवाह है कि भारतवासियों ने अपने दिल में सदा से ही हर उस सभ्यता को अपनाया है जो प्रेम, अहिंसा का संदेश देती है। हमारे देश में विश्व के सभी प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। हम हिन्दुस्तानी मंदिर के सामने से निकलें या मस्जिद के या किसी चर्च के, श्रद्धा से अपना शीश झुकाते ही हैं। कोई संत हो या फकीर या फादर, हम उन्हें आदर की दृष्टि से देखते हैं। हमारे पूर्वजों ने दूसरों का आदर करना हमें सिखाया है। हम दूसरों की संस्कृति को बहुत जल्द आत्मसात कर लेते हैं। यह हमारे स्वभाव में है। हमारा सोच हमेशा सकारात्मक रहा है। हम भारत ही नहीं दुनिया के सारे देशों का आदर करते हैं। तो फिर क्यों न हम वेलेंटाइन डे भी मनाएँ। मनाएँगे और जरूर मनाएँगे। लेकिन आज के कथित संकीर्ण सोच वाले युवाओं ने इसे विकृत बना दिया है। जिस प्रकार से 31िदसंबर को कहीं-कहीं असभ्य और अशालीन तरीके से मनाया जाता है ठीक उसी प्रकार वेलेंटाइन डे को कुछ लोगों ने बना दिया है। हमने दुनिया को प्यार करना सिखाया है। इसलिए दुनिया में अगर प्रेम के लिए कोई दिवस मनाया जाता है तो हम क्यों इसे ठुकराएँ। हमने तो हमेशा सबका आदर किया है। इतिहास गवाह है कि भारतवासियों ने अपने दिल में सदा से ही हर उस सभ्यता को अपनाया है। पिछले वर्ष की बात है एक लड़की को 14 फरवरी की सुबह एक गिफ्ट मिलता है जिसमें किसी का नाम नहीं होता। वह कुछ अजीब सा रहता है। वह उसे एक तरफ रख देती है। लेकिन शाम को वह गिफ्ट पहुँचाने वाला उसके घर पहुँच जाता है और लड़की को अपने साथ चलने के लिए कहता है। जब वह मना करती है तो वह उससे कहता है कि आज वेलेंटाइन डे है और तुमने मेरा गिफ्ट स्वीकार किया है।
इसलिए तुम्हें मेरे साथ चलना ही होगा। यह असभ्य तरीका ठीक नहीं है। वह लड़की तो समझदारी से संभल जाती है लेकिन अनेक युवा-युवतियाँ इस प्रणय निवेदन को अपनाकर कुछ ऐसे कदम उठा लेते हैं जिसके बाद में पछतावे के सिवा कुछ नहीं रह जाता।होना तो यह चाहिए कि इस वेलेंटाइन डे की तमाम अच्छाइयों को हम अपनी संस्कृति में मिलाएँ और फिर इसे मनाएँ तब देखिए जिंदगी कितनी खुशहाल लगने लगेगी। हमारी संस्कृति में लड़का-लड़की अगर माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध शादी करते हैं तो लोग यही कहते हैं कि लड़की भाग गई। उसका यूँ जाना ऐसा लगता है मानो उसने अनर्थ किया हो। जबकि सच यही है कि उसने अनर्थ किया है। माता-पिता जिन्होंने 20-25 साल उसे प्यार किया वे उसे अपने नहीं लगते उसके आगे जो मात्र कुछ दिनों से उसे चाहता है। आधी उम्र माता-पिता के साथ गुजारने के बाद बची आधी उम्र माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध गुजारना क्या उनके साथ न्याय है। क्या उनकी इच्छा, अपेक्षा और समाज में उनके हैसियत के साथ खिलवाड़ करना उनके सम्मान को अपमानित करने जैसा नहीं है। आज मीडिया कुछ कंपनियों के उत्पाद बेचने, उनकी पब्लिसिटी के लिए युवा को प्रणय निवेदन करने के तरह-तरह के प्रलोभन देता है। टिप्स बताता है। मोबाइल कंपनियाँ अपना कारोबार करने के लिए तरह-तरह की आकर्षक योजनाएँ चलाती हैं। अनेक प्रकार के आर्टिकल्स और लुभावने उदाहरण देकर युवा वर्ग को आकर्षित करते हैं। युवा इनसे भ्रमित हो जाते हैं। इनमें लिखे प्रेमी-प्रेमियों के किस्से इन्हें अपने लगने लगते हैं। विभिन्न चैनल भी अनेक प्रकार के कार्यक्रम प्रायोजित करते हैं। केवल अपनी दुकान चलाने के लिए ये सब समाज का कितना नुकसान करते हैं यह तो केवल समझने वाला ही समझ सकता है।
जब टूटे नादाँ दिल

दिल का मामला बड़ा ही अजीबो-गरीब होता है। आप इसके रास्ते जरा से भावुक हुए और दिमाग पर से आपका कंट्रोल हटा। इसलिए बेहतर तो यही है कि इस रोग से दूर से ही नमस्ते की जाए, लेकिन यदि दिल कहीं लग ही गया है और उसे चोट भी लगी है तो इस तरह से उसकी साज-संभाल करें।
* टूटे दिल का बोझ छाती पर न रखें। अपने मन की भावनाओं को बाहर निकाले। रोएँ, चिल्लाएँ, तकिए पर चोट करें। इससे बहुत राहत मिलेगी। मन हल्का करने के लिए अपने किसी अजीज से अपने दिल की बात कहें, उसे राजदाँ बनाएँ। दोस्त नहीं है तो घर के किसी सदस्य को अपने बारे में सब कुछ बताएँ।
* जरूरी नहीं है कि आप में ही कोई खोट हो। अपने आपका अवमूल्यन क्यों करें? बेहतर है अपने मन को समझाएँ कि वह बेवफा प्रेमी प्यार के लायक था ही नहीं। अच्छा हुआ विवाह करने से पहले ही सारी असलियत सामने आ गई।
* अपना ध्यान कुछ रचनात्मक कार्यों जैसे बागवानी, संगीत, खाना बनाना आदि में लगाएँ।
* टूटे दिल के बोझ को हल्का करने का एक प्राकृतिक तरीका है दूर तक पैदल घूमें। अगर तैरना आता है और सुविधा है तो देर तक तैरें। कोई कॉमेडी फिल्म देखें।
* अगर कोई दोस्त शहर से बाहर कहीं दूसरी जगह रहता है तो उसके यहाँ घूम आएँ।
* घर के कामों में हाथ बटाएँ।
* ध्यान बँटाने के लिए जिम ज्वाइन करें।
* पार्लर में जाकर मसाज कराएँ, अपने कमरे या ऑफिस की जगह को साफ-सुथरा बनाएँ।
* सुबह-सुबह पार्क जाएँ, वहाँ मंडली बनाकर योग करने वालों से बातें करें। योग सीखें।
* जो प्रेमी आप से दूर हो गया है उसके बारे में भी अच्छी विचारधारा रखें। इससे आप में हिचक प्रवृत्ति में कमी आएगी और मन का जहर घुल जाएगा।
* यह सोचें कि जो कुछ हुआ अच्छा हुआ, शायद आगे और बहुत कुछ ऐसा होता, जो गलत होता।
* यदि इस सबके बाद भी मन पुरानी यादों में भटकता रहे तो किसी मनोचिकित्सक से मिलें। वह आपको स्वस्थ करने में मदद देगा।
* दिल में बसी पुरानी यादों को निकालने के लिए एक मनोवैज्ञानिक तरीका यह है कि जो कुछ भी आपके दिल-दिमाग में उमड़-घुमड़ रहा हो उसे तब तक लिखते रहें जब तक थककर हाथ लिखना बंद न कर दें।
* बार-बार यह प्रक्रिया अपनाएँ एक स्थिति ऐसी आएगी कि आप ऊब जाएँगे और लगने लगेगा कि संबंध टूटना सही ही हुआ।

क्यों होता है प्यार ?

एक प्यार करने वाले से पूछा गया कि प्यार क्या होता है? कैसा लगता है? तो उसका जवाब था कि प्यार गेहूँ की तरह बंद है, अगर पीस दें तो उजला हो जाएगा, पानी के साथ गूँथ लो तो लचीला हो जाएगा... बस यह लचीलापन ही प्यार है, लचीलापन पूरी तरह समर्पण से आता है, जहाँ न कोई सीमा है न शर्त। प्यार एक एहसास है, भावना है। प्रेम परंपराएँ तोड़ता है। प्यार त्याग व समरसता का नाम है। प्रेम की अभिव्यक्ति सबसे पहले आँखों से होती है और फिर होंठ हाले दिल बयाँ करते हैं। और सबसे मज़ेदार बात यह होती है कि आपको प्यार कब, कैसे और कहाँ हो जाएगा आप खुद भी नहीं जान पाते। वो पहली नजर में भी हो सकता है और हो सकता है कि कई मुलाकातें भी आपके दिल में किसी के प्रति प्यार न जगा सकें। प्रेम तीन स्तरों में प्रेमी के जीवन में आता है। चाहत, वासना और आसक्ति के रूप में। इन तीनों को पा लेना प्रेम को पूरी तरह से पा लेना है। इसके अलावा प्रेम से जुड़ी कुछ और बातें भी हैं – प्रेम का दार्शनिक पक्ष- प्रेम पनपता है तो अहंकार टूटता है। अहंकार टूटने से सत्य का जन्म होता है। यह स्थिति तो बहुत ऊपर की है, यदि हम प्रेम में श्रद्धा मिला लें तो प्रेम भक्ति बन जाता है, जो लोक-परलोक दोनों के लिए ही कल्याणकारी है। इसलिए गृहस्थ आश्रम श्रेष्ठ है, क्योंकि हमारे पास भक्ति का कवच है। जहाँ तक मीरा, सूफी संतों की बात है, उनका प्रेम अमृत है।
साथ ही अन्य तमाम रिश्तों की तरह ही प्रेम का भी वास्तविक पहलू ये है कि इसमें भी संमजस्य बेहद जरूरी है। आप यदि बेतरतीबी से हारमोनियम के स्वर दबाएँ तो कर्कश शोर ही सुनाई देगा, वहीं यदि क्रमबद्ध दबाएँ तो मधुर संगीत गूँजेगा। यही समरसता प्यार है, जिसके लिए सामंजस्य बेहद जरूरी है। प्रेम का पौराणिक पक्ष- प्रेम के पौराणिक पक्ष को लेकर पहला सवाल यही दिमाग में आता है कि प्रेम किस धरातल पर उपजा-वासना या फिर चाहत....? माना प्रेम में काम का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन महज वासना के दम पर उपजे प्रेम का अंत तलाक ही होता है। जबकि चाहत के रंगों में रंगा प्यार ज़िंदगीभर बहार बन दिलों में खिलता है, जिसकी महक उम्रभर आपके साथ होती है। प्रेम का प्रतीक गुलाब- सुगंध और सौंदर्य का अनुपम समन्वय गुलाब सदियों से प्रेमी-प्रेमिकाओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। गुलाब का जन्म स्थान कहाँ है यह आज भी विवाद का विषय बना हुआ है। इस पर कथाएँ तो कई हैं, लेकिन एक कथा के अनुसार जहाँ-जहाँ पैगम्बर के पसीने की बूँदें गिरीं, वहाँ-वहाँ गुलाब के पौधे उग आए। लाल गुलाब की कली मासूमियत का प्रतीक है और यह संदेश देती है तुम सुंदर और प्यारी हो। लाल गुलाब किसी को भेंट किया जाए तो यह संदेश है कि मैं तुम्हें प्यार करता हूँ। सफेद गुलाब गोपनीयता रखते हुए कहता है कि तुम्हारा सौंदर्य नैसर्गिक है। जहाँ पीला गुलाब प्रसन्नता व्यक्त करता है, वहीं गुलाबी रंग प्रसन्नता और कृतज्ञता व्यक्त करता है। गुलाब यदि दोस्ती का प्रतीक है तो गुलाब की पत्तियाँ आशा की प्रतीक हैं।

दिल दिया नहीं जाता खो जाता है

यार वो लड़की अच्छी लगती है। दिखी नहीं 2-4 दिन से। तो नहीं दिखी तो रहने दे। नहीं यार उसकी ड्रेस अच्छी लगती है। उसके कट्स भी अच्छे हैं। यार दिखती तो कुछ खास नहीं है। पर फिर भी दिख जाती है तो दिन अच्छा निकल जाता है। क्यों तेरे को देखती है क्या। मेरे को देखे चाहे नहीं देखे, मैं उसे देख लूँ तो दिल को करार आ जाता है।
नहीं दिखेगी तो पूरा दिन अजीब सा लगता है। कुछ कमी सी लगती है। तुझे कहीं प्यार तो नहीं हो गया है। अरे नहीं यार। ऐसा कुछ नहीं है। बस यूँ ही टाइम पास हो जाता है। वैसे भी प्यार-व्यार सरीके फोकट कामों के लिए टाइम नहीं है मेरे पास।
इतने में आती हुई दिखी तो पूरब की बाँछें खिल गईं। बस उसके बाद तो इनकी दिनचर्या ही बदल गई। जो काम नहीं करते थे वो करने लग गए। जो करते थे उसमें अब इनका मन उतना नहीं लगता। रोमांटिक बातें इन्हें अच्छी लगें। रोमांटिक एसएमएस का पेज कल तक उठाकर नहीं देखते थे आज उसके सिवाय कुछ पढ़ते नहीं।
शेरो शायरी की लिंक तो जिसने इनको भेज दी, ये उनके मुरीद हो गए। पूछो ऐसा क्यों। बस ऐसे ही यार अच्छी लगती है। ये कमलेश नाम का है ना ये बहुत बढ़िया एसएमएस भेजता है। कल वह क्लास में आई तो क्या पहनकर आई इनको याद है, उसके पहले क्या पहना था। यह भी याद है।

एक दिन तो हद ही हो गई जब पिछले 8 दिनों की ड्रेस के आधार पर अंदाजा लगाया और नौवें दिन मोहतरमा इनके ही अनुमान की ड्रेस पहनकर आ गईं। उस दिन तो महाशय रात में 2 घंटे देर से सोए। लेकिन जुबान पर वही है प्यार-व्यार नाम की कोई चीज नहीं होती। लैला-मजनूँ, हीर-राँझा इनको बेवकूफ ही लगते हैं।
एक दिन तो हद हो गई। वह इनकी किसी बात पर मुस्कुराई तो दिनभर वह दृश्य आँखों के सामने से हटा नहीं। इनका नाम पूछ लिया तो इनके पहले तो हाथ-पाँव काँप रहे थे जैसे-तैसे लड़खड़ाती जुबान से बताया। औपचारिकता बतौर पूछ भी लिया। जवाब मिला निशा। और दुनिया के सबसे खूबसूरत नामों की फेहरिस्त में उसे सबसे ऊपर रख दिया।
उसके बारे में कोई उल्टा सीधा बोले इन्हें मंजूर नहीं। उससे जाकर कोई और बात करे इन्हें मंजूर नहीं। घर आएँ जो फुर्सत में मिले उसे किस्से सुनाएँगे तो कहीं न कहीं निशा जुड़ी ही रहेगी। महोदय से कहो - अब तो तुमको प्यार हो गया है। अरे नहीं यार कैसी बात करता है। वह तो केवल दोस्त है। जरा सा किसी से हँस के बोल लो उससे क्या होता है।

हाँ, यही प्यार है!

कभी आप मौन हो जाएँ, कभी बोल खो जाएँ, जब अपने आप की खबर ही न रहे, स्वयं का अस्तित्व किसी और में घुलता जाए। सारी बातें मन ही मन में चलती रहें। न तुम कुछ कहो, न मैं कुछ कहूँ। ऐसा ही कुछ-कुछ होता है जब प्रेम होता है। प्यार का पहला एहसास जागता है तो कुछ-कुछ नहीं बहुत कुछ होता है।
लेकिन कभी-कभी यह समझने में बड़ी कठिनाई होती है कि ये प्यार ही है या और कुछ। पहला-पहला प्यार हो तो कुछ समझ नहीं आता है कि क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है ऐसा? किसी का अच्छा लगना और फिर एक ही मुलाकात में पूरी जिंदगी बन जाना.... ये कैसा एहसास है, जिसने पूरे जीवन को बदल डाला है। जिंदगी बदल गई है वो सब कुछ हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ.... कहीं आपको प्यार तो नहीं हो गया है.....
पता नहीं हाँ....नहीं.... बड़ी उलझन है.... लेकिन जानें तो कैसे जानें कि आपको प्यार हो गया है। शायद हम ही आपकी कुछ मदद कर सकें। अगर ऐसे ही कुछ एहसास आपके मन में भी जाग रहे हों तो समझ लें कि आपको प्यार, प्यार और सिर्फ प्यार हो गया है। क्या ये लक्षण आपको अपने में नजर आ रहे हैं? जरा देखिए-
* हर पल मन में कुछ बेचैनी-सी महसूस होती है। सब कुछ होने के बाद भी कहीं कुछ कमी-सी लगती है।
* उसका जिक्र छिड़ते ही प्यार की खुशबू आती है। उसका नाम सुनते ही चेहरे पर शर्मकी लाली छा जाती है, दिल धड़कने लगता है।
* पूरी रात इधर-उधर करवटें बदल-बदल कर ही बीतती है। नींद आती ही नहीं, आए भी तो कैसे? आँखें बंद करते ही वो सामने आ जाते हैं और फिर पूरी रात आँखों-आँखों में ही कट जाती है।
* वो साथ हों तो जिंदगी हसीन और मौसम खुशनुमा बन जाता है। आप इसी तरह की जिंदगी की ख्वाहिश करने लगते हैं।
* आपके चेहरे पर अचानक ही गजब का निखार आ जाता है। दोस्त कहने लगते हैं, ''कुछ तो चक्कर है.... लगता है ये प्यार की चमक है.... और आप शरमाकर मुँह छिपा लेते हैं।
* कभी शेरो-शायरी और कविता की ओर ध्यान न देने वाले आप अचानक ही ऐसी चीजों के दीवाने हो जाते हैं। दिन-दिन भर गजलें सुनने में बिता देते हैं। जगजीतसिंह आपके फेवरेट हो जाते हैं।
* अपनी जिंदगी की हर बात उससे जुड़ी-सी लगती है।
* बस इस बात का इंतजार रहता है कि किसी भी तरह से उसका दीदार हो जाए। दीदार होने पर दिल में फूल खिल जाते हैं।
* रोमांटिक फिल्में देखना और उसकी परिस्थितियों से अपने आप को जोड़ना आपको कुछ ज्यादा ही अच्छा लगने लगता है।
* आपको उसकी बेतुकी, बचकानी बातें भी अच्छी लगने लगती हैं और उन पर भी प्यार आता है।
* अचानक ही ईश्वर में आपका विश्वास बढ़ जाता है। आप ज्यादा दयालु और उदार हो जाते हैं।
* आप उसकी जीवनशैली अपनाने लगते हैं।
* उसको ध्यान में रखकर आप 'मैं' की बजाय अब 'हम' शब्द का इस्तेमाल ज्यादा करने लगते हैं।
* फुर्सत के पलों में आप बेवजह उसका नाम लिखने बैठ जाते हैं।
* रोमांटिक गीतों के हर शब्द पर आप गौर करने लगते हैं और हर गाना आपको अपनी ही दास्तान लगता है। कल्पना करते हुए आप साथ में गाने भी लगते हैं।
* वो शहर से कुछ दिनों के लिए बाहर हो तो बेचैनी में और तन्हाई से बचने के लिए आप बिना किसी काम के ही अपने मित्रों के साथ वक्त गुजारते हैं और उन्हें अपने किस्से सुना-सुनाकर बोर करते हैं।
* आप पूरी दुनिया को भूल बैठे हैं। आपको अपनी भी खबर नहीं रहती। उसकी याद में आप होश खो बैठते हैं। कहीं के लिए निकले हैं
र कहीं निकल जाते हैं।

* उसके खयाल में आप खाना-पीना, पढ़ना लिखना सब भूल जाते हैं। ये सारे काम आपको बेकार लगते हैं।
* बिना किसी प्रयास के ही आपका वजन घटने लगता है लोग कहते हैं क्या बात है डायटिंग पर हो?
* अपनी हेयर स्टाइल तथा ड्रेसिंग स्टाइल बदलने के लिए आप 'उससे' मशविरा लेते हैं।
* आपको लगता है कि वो कभी कुछ भी गलत कर ही नहीं सकता।
* आपने दूसरे सारे लड़कों या लड़कियों से हँसी-मजाक तक करना छोड़ दिया है, आपको अब उनका साथ अच्छा नहीं लगता है।
* आपको हर वक्त, आधी रात को भी फोन बजे तो लगता है उसी का फोन है।
* उसकी सारी कमियाँ में आपको खूूबियाँ नजर आने लगती हैं। उसकी हर बात आपको सेक्सी लगती है।
* उसके पसीने की बदबू भी आपको मदहोश बना देती है।
* आप अपने आप का कुछ ज्यादा ही ध्यान रखने लगते हैं।
* अब आप उसे उसके नाम से नहीं बुलाते। आपने उसे एक 'निकनेम' दे दिया है और उस 'निकनेम' से उसे पुकारते वक्त आप अपना सारा प्यार उंडेल देते हैं।
* उसे देखते ही आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है मानो आप मीलों से भागकर चले आ रहे हों। आपका टेम्प्रेचर भी बढ़ जाता है।
* उसकी हलकी-सी छुअन का एहसास आपके पूरे शरीर में हलचल मचा देता है.... और उस एक छुअन का एहसास आपके रोम-रोम में समा जाता है।
* आप बेवजह उसकी माँ-बहन या रिश्तेदारों से बड़े सम्मान से बातें करने लगते हैं।
* उसके घिसे-पिटे जोक्स पर भी आपको बहुत हँसी आती है।
* उसकी हर बेवकूफी और गलती आपको क्यूट लगती है।
उससे मिलने के बाद, घंटों बात करने के बाद भी आपको लगता है कि काश, थोड़ा वक्त और मिल जाता या काश, इस मुलाकात का अंजाम कभी जुदाई न होता।
* यदि वह किसी की ओर देख भी ले तो आपको गवारा नहीं, आपका दिल आहत हो जाता है।
* उसका साथ आपको अच्छा लगने लगता है और बाकी सबका साथ बोर।
* उसकी हर बात से आप सहमत हो जाते हैं। उसकी हर सलाह आपको अच्छी लगने लगती है।
* अब आपको अपनी मनपसंद का खाना अच्छा नहीं लगता। अब आप मेनू देखते समय यह ध्यान रखते हैं कि उसे क्या पसंद है।
अगर ये सब कुछ या इनमें से कुछ आपके साथ हो रहा है। तो समझ लें कि- प्यार हुआ चुपके से.....
दिल मेरा तोड़ दिया, बुरा क्यों मानूँ
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान की बात है। एक बहुत ही स्मार्ट और इंटेलीजेंट लड़का हमारे साथ पढ़ता था, अनूwप । सुनने में आता था कि अनूwप का किसी लड़की के साथ अफेयर था। लड़की आकर्षक थी। पिछले दिनों घर जाने के दौरान उस लड़की को दूसरे लड़के के साथ देखा। पता चला कि उस लड़की का अफेयर किसी दूसरी लड़के से चलने लगा है। इस बात से भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह लगी कि अनूwप इससे गहरे सदमें में है और दूसरों से संपर्क रखना छोड़ दिया है।
अक्सर ऐसे मामले हम सभी के सामने आते हैं, जब ब्रेक-अप होने का सदमा लड़के या लड़कियाँ बर्दाश्त नहीं कर पाते। दरअसल प्यार होना जितना अप्रत्याशित होता है, उतना ही अप्रत्याशित उसका ब्रेक होना भी। फिल्म कसूर के इस गाने पर ध्यान दीजिए दिल मेरा तोड़ दिया बुरा क्यों मानूँ। उसको हक है, वो मुझे प्यार करे या ना करे। और ‘दिल चाहता है’ का एक डॉयलाग कि - प्यार फैसले से नहीं होता है, पर गौर कीजिए। इन दोनों में गहरा संबंध है।
पहली बात, प्यार के लिए कोई प्लानिंग नहीं होती है, इसके लिए कोई शर्त नहीं होती है और न ही कोई वजह होती है। अगर आपके प्यार में इन तीनों में से कोई भी बात हो तो यह बात अच्छे से समझ लीजिए कि वहाँ प्यार नहीं है और अगर प्यार नहीं है तो उसके आने और जाने का क्या मतलब। ऐसे ‘प्यार’ के लिए निराश होने की भी जरूरत नहीं है।
दूसरी जब आपके प्यार में शर्त नहीं है तो अब किस बात की शर्त या ईगो। क्या आपने प्यार के पहले कई बातें तय की थीं, मसलन- ये करना है, ये नहीं करना है, उससे बात करनी है, उससे नहीं करनी, तो आपके प्यार की वजह तय की हुई थी और वजह खत्म होने के कारण प्यार भी आपसे दूर चला गया।
ब्रेक अप होने के बाद निराश होने की जरूरत नहीं है। ये सोचें कि सही समय पर हो गया। बाद में ऐसा होता तो आपको ज्यादा निराशा होती। व्यक्ति की पहचान जितनी जल्दी हो जाए, उतना ही बेहतर है। ब्रेक अप होने पर अपना ध्यान दूसरे सकारात्मक कार्यों में लगाएँ और अपने को व्यस्त रखें। कुछ सकारात्मक कार्य करें। अपने आप में हीनभावना नहीं आने दें और माने कि आप सबसे बेहतर है। अगर गलतियाँ हो गई हों तो उसके लिए माफी माँग लें।
माफी माँगने से आधे अवसाद स्वयं समाप्त हो जाते हैं। वैसे गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है, इसलिए गलतियों से सीख लें। जीवन के प्रति आशान्वित रहें और हाँ ‘खूबसूरत गलतियाँ’ करने से कभी मुँह न मोड़ें। लेकिन इस बार ऐसी गलती करते समय किसी वजह की तलाश न करें, न ही उससे कोई शर्त रखें। फिर आप भी गाएँ - ‘जिंदगी कितनी खूबसूरत है, आइए आपकी जरूरत है।’

1 comment: